आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने मनाई महाकवि कालिदास की जयंती
शादी से पहले थे अनपढ़, पत्नी के धिक्कारने पर बनाया महाज्ञानी : डॉ. सेतिया

गोहाना :-6 जुलाई : शादी से पहले पूरी तरह से अनपढ़ थे, पत्नी विद्योत्तमा के धिक्कारने से इतने आहत हो गए कि नियति ने एक दिन उन्हें न केवल संस्कृत का प्रकांड विद्वान अपितु महाज्ञानी भी बना दिया ।
शनिवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की। वह पुराने बस स्टैंड पर महाकवि कालिदास की जयंती पर हुए कार्यक्रम में उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाल रहे थे। अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की।
मुख्य वक्ता डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि कालिदास ने पौराणिक कथाओं और दर्शन के आधार पर सरल, सुगम और अलंकार से साहित्य को नई दशा और दिशा दी। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि महाकवि कालिदास ने महाकाव्य रघुवंश और कुमारसंभव, नाटक अभिज्ञान शाकुन्तलम्, मालविकाग्निमित्रम् और विक्रमोर्वशीयम्, खंड काव्य मेघदूत और ऋतुसंहार की रचना की।
इस अवसर पर सुषमा सेतिया, राजपाल कश्यप, उधम सिंह, जानकी देवी, सुरेश कुमार, सतबीर पौडिया आदि भी मौजूद रहे।


