आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने स्वामी विवेकानंद की 122वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि से दी श्रद्धांजलि किया नमन

गोहाना :-4 जुलाई : एक सुयोग्य शिष्य के रूप में स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु स्वामी रामकृष्ण की याद में रामकृष्ण मिशन स्थापित किया। गुरुवार को यह टिप्पणी गोहाना सैन यूनियन के पूर्व अध्यक्ष सुरेश पवार ने की। वह सेक्टर 7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में स्वामी विवेकानंद की 122वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भेंट कर रहे थे । यह कार्यक्रम आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के तत्वावधान में हुआ। अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की मुख्य वक्ता सुरेश पवार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ही पश्चिम जगत को योग और वेदांत से अवगत करवाया। वह साहित्य, दर्शन और इतिहास के प्रकांड ज्ञाता थे। वह आधुनिक भारतीय राष्ट्रवाद के जनक थे। कार्यक्रम के अध्यक्ष आजाद सिंह दांगी ने स्वामी विवेकानंद के उस ध्येय वाक्य को रेखांकित किया कि संघर्ष जितना कठिन होगा, जीत भी उतनी ही बड़ी होगी। उनके अनुसार स्वामी कहा करते थे कि हमारे जीवन में आशा एक नदी के समान है।
इस अवसर पर हवा सिंह, महावीर भारद्वाज, रणधीर राठी, मामन सिंह, साहिल मोर, प्रेम कौर, निर्मला, संतोष, सुनीता, जगमति आदि भी मौजूद रहे।


