ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के 76वें शहीदी दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में गोहाना वासियों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
मोहम्मद उस्मान न होते तो पाकिस्तान में होता मां वैष्णो देवी मंदिर ; दांगी

गोहाना :-3 जुलाई : आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने बुधवार को कहा कि अगर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान न होते, मां वैष्णो देवी मंदिर पाकिस्तान में होता । दांगी जींद रोड पर स्थित लोहार मार्कीट में उस्मान के 76वें शहीदी दिवस पर हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्य वक्ता मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया रहे। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि मोहम्मद जिन्ना ने मोहम्मद उस्मान को पाकिस्तान का सेना प्रमुख नियुक्त करने की पेशकश भी की थी |
थी, पर उन्होंने ठुकरा दी । उस्मान ने कसम खाई थी कि जब तक झनगढ़ भारत के कब्जे में नहीं आएगा, तब तक वह चारपाई नहीं, चटाई पर सोएंगे। आखिरकार उन्होंने झनगढ़ पर कब्जा कर लिया। लेकिन 3 जुलाई 1947 को गिरे तोप के गोले ने उन्हें शहीद कर दिया। डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के नेतृत्व में ही भारत ने नौशेरा सेक्टर में तिरंगा फहराया था ।
उन्होंने खुलासा किया कि मोहम्मद उस्मान के लिए पाकिस्तान ने उस समय 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। कार्यक्रम में रईसुद्दीन खां, राजपाल कश्यप, अमजद खां, सतबीर पौडिया, शोएब खां, उधम सिंह, अकरम खां, अली मोहम्मद, सुभाष शर्मा, शहजाद अली, उस्मान खां, मुन्ना खां आदि ने भी शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।


