गोहाना | हसनगढ़ गांव के ग्रामीणों ने पंचायती राज विभाग पर गांव में अमृत सरोवर का पूरा करने से पहले ठेकेदार को भुगतान करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की खुदाई के समय उससे निकली मिट्टी भी नाजायज रूप से बेची गई। इस मामले की जांच कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने गोहाना हलके के विधायक जगबीर सिंह मलिक को ज्ञापन भी सौंपा।
हसनगढ़ गांव निवासी आजाद सिंह, जय सिंह, बलराम व सुरेश ने बताया कि उनके गांव में करीब चार एकड़ का तालाब है। अमृत सरोवर तैयार करने के लिए 25.85 लाख का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग ने जिस ठेकेदार को काम दिया था, उसने तालाब की कहीं से कम और कहीं से अधिक खोदाई कर दी। उससे निकली मिट्टी को अवैध रूप से बेचा गया। इस पर उन्होंने 23 जून 2022 को एसडीएम को शिकायत देकर काम भी करा दिया था।
उसके बाद 4 जुलाई को इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी की थी, लेकिन अब तक दोबारा से इस पर काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को बंद के बावजूद करीब साढ़े 24 लाख का भुगतान कर दिया, जबकि अधिकारी कोई भुगतान न करने की बात कर रहे हैं।



