आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने गढ़ी उजाले खाँ गांव में राजेंद्र लाहिड़ी की 123वीं जयंती कार्यक्रम में किया नमन
लाहिड़ी को दो दिन पहले ही फांसी पर टांग दिया था अंग्रेजों ने : कश्यप
गोहाना :-23 जून : राजेंद्र लाहिड़ी को दस साल उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में इस उम्र कैद में बदल दिया गया। अंग्रेज इतने खौफजदा थे कि उन्होंने लाहिड़ी को तय तिथि से दो दिन पहले फांसी पर टांग दिया। काकोरी कांड में यह लाहिड़ी ही थे जिन्होंने सरकारी खजाना लूटने के लिए ट्रेन की चेन खींची थी।
रविवार को यह टिप्पणी गोहाना कश्यप सभा के अध्यक्ष ईश्वर सिंह कश्यप ने की। वह आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे द्वारा गढ़ी उजाले खां गांव की कश्यप चौपाल में राजेंद्र लाहिड़ी की 123वीं जयंती के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी थे ।
मुख्य वक्ता आजाद सिंह दांगी ने कहा कि राजेंद्र लाहिड़ी का जन्म 23 जून 1901 को पश्चिम बंगाल के पाबना जिले के भड़गा गांव में हुआ । ब्रिटिश शासन ने उनको काकोरी कांड का मुख्य षड्यंत्रकर्ता माना था। उन्हें कोलकाता के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।
इस अवसर पर राजपाल कश्यप, सुरेश कश्यप,ओम प्रकाश कश्यप, ईश्वर सिंह, मेहर सिंह आदि भी मौजूद रहे।


