गोहाना के सत नगर स्थित गुरुद्वारे में शबद कीर्तन और सुखमणि साहिब के पाठ का आयोजन
पंचम पातशाही ने एक मुसलमान से रखवाई थी गुरुद्वारे की
गोहाना :-10 जून : गुरु अर्जुन देव शहीदों के सरताज थे। पंचम पातशाही ने अमृतसर के गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब की नींव एक मुसलमान साईं मियां मीर से रखवाई थी। सोमवार को यह खुलासा सचखंड गुरुद्वारे के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप खानिजो ने किया ।
वह शहर के वार्ड नंबर 8 के सत नगर स्थित गुरुद्वारे में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे उनके अनुसार यह गुरु अर्जुन देव जी ही थे जिन्होंने तरनतारन गुरुद्वारा और रामदास सरोवर का निर्माण करवाया था। उन्होंने ही सुखमणि साहिब जी की रचना की थी। डॉ. प्रदीप खानिजो ने कहा कि मुगल साम्राज्य द्वारा शहीद किए जाने वाले गुरु अर्जुन देव पहले सिख गुरु थे। जहांगीर के आदेश पर जब उन्हें गर्म तवे पर बैठा कर उनके सिर पर तपती हुई रेत डाली जा रही थी, तब भी उनके मुख से यही निकल रहा था-तेरा भाणा मीठा लागे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन डॉ. सुरेश सेतिया और के. एल. दुरेजा ने किया । शबद कीर्तन भाई गुरदीप सिंह ने किया । महिला सुखमणि समिति और संगत ने सुखमणि साहिब का पाठ किया। बाद में ठंडे पानी की छबील लगाई गई । इस छबील पर कच्ची लस्सी के वितरण की सेवा पंकज पसरीजा, हिमांशु दुरेजा, गुलशन नारंग, कमल दुरेजा, तुषार नारंग, मंजू गिरधर, अलीशा तागड़ा, अनन्या गिरोत्रा आदि ने की ।


