साइकिलिंग से हृदय और फेफड़ों की होती है कसरत : डॉ. सुरेश सैनी
गोहाना :-3 जून: साइकिलिंग से हृदय, रक्त वाहिनियों और फेफड़ों की कसरत होती है। सोमवार को विश्व साइकिल दिवस पर यह टिप्पणी योगाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने की। वह आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे द्वारा आयोजित साइकिलिंग इवेंट के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे । अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की।योगाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने कहा कि जब कोई साइकिल चलाता है, वह गहरी सांस लेता है और पसीना बहाता है जिससे शरीर के तापमान में वृद्धि महसूस होती है। इससे समग्र फिटनेस का स्तर सुधरता है और अवसाद भी कम होता है। साइकिल चलाने से न केवल सेहत सुधरती है अपितु पैसों की भी बचत होती है। उन्होंने आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक दांगी की प्रशंसा की कि वह साइकिल का अधिकतम इस्तेमाल करते हैं तथा सर्वत्र साइकिल पर ही पहुंचते हैं। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि कोशिश करें कि अगर ज्यादा दूर नहीं जाना है तो अन्य संसाधनों का प्रयोग करने के स्थान पर पैदल जाएं। रोजाना साइकिल चलाने से शरीर फिट और तंदुरुस्त रहता है।


