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गोहाना के गीता विद्या मंदिर में महाराणा प्रताप की 484 वीं जयंती और भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया गया
अदम्य शौर्य और पराक्रम के प्रतीक थे महाराणा प्रताप : अश्विनी कुमार
गोहाना :-9 मई : शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर के प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने गुरुवार को कहा कि महाराणा प्रताप अदम्य शौर्य और पराक्रम के प्रतीक थे। वह महाराणा प्रताप की 484वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्तव्य दे रहे थे ।
स्कूल में महाराणा प्रताप की जयंती संग भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी मनाया गया । कक्षा 10 की डिंपी, प्रगति, अंशु, भूमिका, दिव्या, हिना, अंजलि, गरिमा, लक्ष्य, गर्विता, कामना और निधि ने भगवान परशुराम की चौपाइयों का गायन किया । कक्षा 5 की
प्रियांशी, आरोही और पलक ने भजन प्रस्तुत किया । कक्षा 9 के सहदेव और सिमर ने महाराणा प्रताप की जीवनगाथा पर प्रकाश डाला ।
शिक्षिका मीना यादव और सीमा ने कहा कि वैशाख माह
के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व
मनाया जाता है। कई जगह इसे आखा तीज भी कहते हैं ।


