गोहाना में भामाशाह और महाराजा महेंद्र प्रताप को पुष्पांजलि से भेंट की श्रद्धांजलि
गोहाना :-29 अप्रैल: सोमवार को शहर के पुराने बस स्टैंड पर स्थित शहीद स्मारक पर भामाशाह और राजा महेंद्र प्रताप को पुष्पांजलि से श्रद्धांजलि अर्पित की गई । कार्यक्रम आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के तत्वावधान में हुआ। मुख्य अतिथि ब्रह्म समाज सेवा संस्थान के राष्ट्रीय महासचिव सूर्य कर्ण त्रिपाठी रहे । अध्यक्षता मेजबान मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की।
भामाशाह के व्यक्तित्व और कृतित्व का बखान करते हुए सूर्य कर्ण त्रिपाठी ने कहा कि जब महाराणा प्रताप जंगलों में भटक रहे थे, तब उनको अपने समग्र जीवन की संचित सम्पत्ति भामाशाह ने ही समर्पित की थी । भामाशाह का जन्म 29 अप्रैल 1547 को ओसवाल जैन परिवार में हुआ। अपरिग्रह उनके जीवन का मूलमंत्र था तथा संग्रह की प्रवृत्ति से वह सदैव दूर रहे |
आजाद सिंह दांगी ने राजा महेंद्र प्रताप के बारे में कहा कि वह आर्यन पेशवा के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने 1911 में 80 एकड़ में फैले उद्यान को उत्तर प्रदेश की आर्य प्रतिनिधि सभा को दान कर दिया। इसी दान की भूमि पर बाद में आर्य समाज ने गुरुकुल और कॉलेज का निर्माण करवाया ।
इस अवसर पर दयानंद शर्मा, धर्मबीर भनवाला, गुरुचरण सिंह, राजेश बाजवान, सतबीर पौडिया, मदनलाल शर्मा आदि भी उपस्थित रहे।


