आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने गोहाना में गुरुदत्त विद्यार्थी की 160वीं जयंती पर श्रद्धांजलि समारोह का किया आयोजन
डी.ए.वी. स्कूल-कॉलेज खोलने में विद्यार्थी की थी अहम भूमिका : सैनी
गोहाना :-26 अप्रैल : अपने गुरु महर्षि दयानंद सरस्वती की स्मृति में डी.ए.वी. स्कूल और कॉलेज खोलने में गुरुदत्त विद्यार्थी की अहम भूमिका थी। शुक्रवार को यह टिप्पणी योगाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने की। वह आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे द्वारा विद्यार्थी की 160वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम को मुख्य संबोधन दे रहे थे।
यह श्रद्धांजलि समारोह सेक्टर 7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में हुआ। मोर्च के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि गुरुदत्त विद्यार्थी का जन्म अखंड भारत में अब के पाकिस्तान स्थित मुलतान में 26 अप्रैल 1864 को हुआ । टी.बी. के चलते केवल 26 साल की उम्र में विद्यार्थी का 19 मार्च 1890 को निधन हो गया ।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि दत्त विद्यार्थी अपने गुरु महर्षि दयानंद सरस्वती के मृत्यु के गुरु प्रत्यक्षदर्शी थे। उसी के साक्षी बनने के बाद उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक पल भारतीय संस्कृति और सभ्यता के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वैदिक धर्म का अभ्युदय उनके जीवन का मुख्य ध्येय था ।
इस अवसर पर जग महेंद्र बाजवान, सुनील भंडेरी, जोगेंद्र सिंह, तेज सिंह, आशीष कुमार, सुनीता, प्रेम कौर, कांता, निर्मला, दीपाली, दिव्या, बबीता आदि भी मौजूद रहे ।


