प्रथम दिव्यांग मैराथन धावक और कारगिल योद्धा मेजर देवेंद्रपाल सिंह बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं से हुए रू-ब-रू
जो नहीं आता, उसे सीख लें, दुनिया को अपने काम से बदलें : मेजर सिंह
गोहाना :-20 अप्रैल : बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग और विश्वविद्यालय प्रतियोगी परीक्षा केंद्र द्वारा छात्राओं के लिए एक इंटरैक्शन सत्र का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वी.सी. प्रो सुदेश ने की। मुख्य अतिथि कारगिल योद्धा मेजर देवेंद्रपाल सिंह ने छात्राओं से संवाद किया। मेजर सिंह भारत के प्रथम दिव्यांग मैराथन धावक है । वह पहले एशियाई दिव्यांग हैं जिन्होंने एयरक्राफ्ट उड़ाया है।
मेजर देवेंद्रपाल सिंह ने कहा कि नारी में अपार शक्ति है। एक शिक्षित बेटी पूरे कुनबे को संवार सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से सीख कर समाज और देश को सिखाएं। खुद से वादा करें कि किसी पर मोहताज नहीं रहेंगे। अपना काम स्वयं करें। जो काम नहीं आता, उसे सीख लें। दुनिया को अपने काम से बदलो और बेटियों के सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
मेजर सिंह ने कहा कि जीवन में अपने काम पर फोकस करें, असफलता भी मिलेंगी, पर रुकना नहीं है, एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में एक सबसे बड़ी बीमारी है कि लोग क्या कहेंगे। जिन के पास कोई काम नहीं होता, ऐसे ही लोग कुछ न कुछ कहते है। उनकी न सुने। खुद की सुने। रोज सोने से पहले आत्म चिंतन और मंथन जरूर करें। आपने क्या गलत किया। उसे सुधारने की कोशिश करें। जीवन में अभाव भी हो सकता है तो संयम बनाये रखें।उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि अपनी कमियों को स्वीकार कर अपनी मेहनत से उन्हें दूर करें ।
वी.सी. प्रो सुदेश ने कहा कि हमारी बेटियों में क्षमता की कमी नहीं है । परिवर्तन धीरे-धीरे होते हैं । शिकायत न करें समाधान की तरफ जाएं। उन्होंने कहा कि अपनी जीवन शैली को ऐसा बनाएं कि रोज एक अच्छा काम करें। नेक काम करने से मन को सुकून मिलता है ।


