गोहाना में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने छत्रपति शिवा जी की 344वीं पुण्यतिथि पर किया नमन
मुगलों के बढ़ते कदमों में छत्रपति ने डाली थी बेड़ियां : गुप्ता
गोहाना :-2 अप्रैल : छत्रपति शिवा जी ने न केवल मुगलों को पराजय का स्वाद चखाया अपितु उनके बढ़ते कदमों में बेड़ियां भी डाली दीं। छत्रपति से टकराने के बाद मुगल भारत पर अपने विस्तार की सोच भी नहीं सके ।
बुधवार को यह टिप्पणी गोहाना शहर की गौशालाओं के निवर्तमान अध्यक्ष जय नारायण गुप्ता ने की। वह छत्रपति शिवा जी की 344वीं पुण्यतिथि पर आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे द्वारा शहर के पुराने बस स्टैंड पर स्थित शहीद स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि भेंट कर रहे थे । उनके अनुसार छत्रपति मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की। संयोजन मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने किया। डॉ. सेतिया ने कहा कि छत्रपति शिवा जी के जीवन का ध्येय मानवता और मानवीय मूल्यों की रक्षा रहा । वह सच्चे अर्थों में एक राष्ट्रनायक थे तथा नेताओं को शासन चलाने के लिए उनसे प्रेरित होना चाहिए।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि छत्रपति शिवा जी ने 52 साल की आयु में रायगढ़ के किले में 3 अप्रैल 1680 को अंतिम सांस ली। इस अवसर पर राजपाल कश्यप, सतबीर पौडिया, दलबीर आर्य, सुभाष वर्मा, लीलू
राम जांगड़ा, सुरेश वशिष्ठ, राजेश बाजवान, जगत सिंह मलिक, संजीव सुनेजा, उधम सिंह आदि ने भी छत्रपति को नमन किया ।


