कांग्रेस में शामिल होने का स्थान और तारीख तय करेगा हाईकमान, टायर्ड हूँ रिटायर्ड नहीं, चुनावी राजनीति नहीं करूंगा, पर सक्रिय राजनीति में जरूर रहूंगा : वीरेंद्र सिंह
गोहाना :-28 मार्च : मैं जल्दी ही अपने साथियों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाऊंगा। मेरे पार्टी में शामिल होने की तारीख और स्थान हाईकमान द्वारा तय किए जाएंगे। गुरुवार को यह जानकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने दी। उन्होंने पूर्व पी. एम. अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को अपने लिए दोहराया-टायर्ड हूं, रिटायर्ड नहीं। सी.एम. बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अब चुनावी राजनीति नहीं करूंगा, लेकिन सक्रिय राजनीति में अवश्य रहूंगा ।
बीरेंद्र सिंह बरोदा हलके के गंगाणा गांव में पूर्व सरपंच सिकंदर गंगाणा की मां दर्शनी देवी की तेरहवीं में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आए थे तथा दीनबंधु सर छोटूराम विचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप चहल के साथ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह 52 साल से राजनीति में हैं इनमें से 42 साल कांग्रेस में रहे। पिछले दस साल से भाजपा में थे ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने दस दिन पहले कांग्रेस हाईकमान को बता दिया था कि अगर मेरे साथ मेरे दो लाख समर्थकों को भी ज्वाइन करवाना हो तो हरियाणा में आ कर रैली करो| दिल्ली के पार्टी कार्यालय में तो हजार दो हजार लोगों की ज्वाइनिंग ही हो पाएगी ।उन्होंने कहा कि ज्वाइनिंग कहां और कब होगी, इसका फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है ।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह सभ्य राजनीति करते हैं। जब भाजपा में शामिल हुए थे, तब कांग्रेस के नेताओं के बारे में कोई भी घटिया बात नहीं की थी। अब कांग्रेस में आएंगे तो भाजपा के नेताओं के बारे में कुछ भी निम्नस्तरीय नहीं कहेंगे ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अतीत में कांग्रेस को छोड़ने की वजह का खुलासा भी किया। उनके अनुसार तब केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में उन्हें मंत्री बनाने के लिए आमंत्रित कर दिया गया, लेकिन 5 घंटे पहले इंकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वह जब भाजपा में गए थे, तब सोनिया गांधी से लड़ कर नहीं गए थे। बीरेंद्र सिंह ने जोर दे कर कहा कि पूर्व सी.एम. भूपेंद्र सिंह के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है।
प्रदेश में सी.एम. बदलने पर चुटकी लेते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब खाट की मूंज खराब हो जाए, तब मूंज बदलनी ही पड़ती है।
उन्होंने भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने पर सवालिया निशान लगाया और यहां तक दावा कर डाला कि जजपा सब दस सीटों पर लड़ते हुए उन्हीं उम्मीदवारों को खड़ा करेगी जिन्हें भाजपा कहेगी। उन्होंने अपने बेटे बृजेंद्र सिंह को सराहा जिसने बहाव के खिलाफ चलते हुए इस्तीफा दिया ।
अपने बेटे बृजेंद्र सिंह के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी दिलचस्पी हिसार सीट से चुनाव लड़ने में है । लेकिन कांग्रेस हाईकमान जहां से भी कहेगा, वह वहीं से चुनाव लड़ेंगे ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉल बांड और दिल्ली के सी.एम. अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी, भाजपा को बड़े महंगे पड़ेंगे ।
अपनी साफगोई के लिए मशहूर बीरेंद्र सिंह ने खुले शब्दों में दलबदल कानून का विरोध किया तथा इसे विचारों की आजादी में रुकावट बताया।


