गोहाना के कांग्रेस विधायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शहीदों को किया नमन
मां को कहा: बेबे, लाश लेने तु न आना, मेरे भाई को भेज देना
गोहाना :-23 मार्च : 3 मार्च 1931 को जब शहीद भगत सिंह से अंतिम बार मिलने के लिए उनके परिजन पहुंचे, तब अपनी मां से भगत सिंह ने कहा, बेबे, मेरी लाश लेने तू न आना, मेरे भाई को भेज देना । कहीं रोने लग गई तो लोग कहेंगे कि शहीद की मां रो रही है।
शनिवार को यह मार्मिक चित्रण गोहाना हलके के कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक ने किया। वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शहीद भगत सिंह चौक में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भेंट कर रहे थे। शहीदी दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि जब शहीद भगत सिंह से उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई, उनका कहना था कि इसी मिट्टी में बार-बार जन्म लूं। उनके अनुसार फांसी पर चढ़ाते समय तीनों शहीदों ने फंदा अपने हाथों से गलों में डाला और जल्लाद तक को यह कह कर रुला दिया कि फंदे को टाइट कर दें।
इस अवसर पर डॉ. दिलबाग खान, साहब राम इंदौरा, धर्मबीर मलिक, गुलाब खान, रवि इंदौरा, कश्मीरी लाल बावा, बंसी वाल्मीकि, सतबीर पौडिया, ओमवीर दहिया, सतबीर रहबारी, राम मेहर पांचाल, चंद्र लठवाल,
बिट्टू सहरावत आदि भी मौजूद रहे।


