बी.पी.एस. महिला विश्वविधालय में इनोवेशन एंड एक्वीजीशनः आई.पी. आर. रेजिमे एंड एमर्जिंग ट्रेंड्स विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
उद्यमिता के जरिए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की नींव रखें : प्रो. संदेश
गोहाना :-19 मार्च : मंगलवार को बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय की वी.सी. प्रो. सुदेश ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार (आई.पी. आर.) पर बहु-विषयक शोध तथा इस विषय पर नवाचार एवं उद्यमिता के जरिए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की नींव रखें । वह आई.पी. आर. सेल तथा विधि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इनोवेशन एंड एक्वीजीशनः आई.पी. आर. रेजिमे एंड एमर्जिंग ट्रेंड्स विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं।
प्रो. सुदेश ने कहा कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के इस दौर में सरकार नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण में तेजी से वृद्धि और भारत में नई संभावनाओं के बनने के साथ, बौद्धिक संपदा वर्तमान युग में प्रमुख धन चालकों में से एक बन गई है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत देश अनुसंधान एवं विकास व
नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार है। वी.सी. ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकारों का सही प्रयोग कर विद्यार्थी अपने शोध और रचनाओं को सुरक्षित कर सकते
हैं।
हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी द्वारा प्रायोजित इस संगोष्ठी में बतौर रिसोर्स पर्सन, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभागाध्यक्ष और सेंटर फॉर आई.पी. आर. स्टडीज के निदेशक प्रो. हरीश दूरेजा ने शिरकत की। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय के डॉ. राहुल तनेजा ने बौद्धिक संपदा अधिकार के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।
विधि विभाग की अध्यक्ष डॉ सीमा दहिया ने संगोष्ठी को प्रारंभ किया। कन्वीनर डॉ.प्रमोद मलिक ने कार्यक्रम की विषय वस्तु की जानकारी दी। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अलका भारती द्वारा किया गया। विभाग की छात्रा रुपल ने मंच संचालन किया।


