गोहाना के आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने मनाई रामकृष्ण परमहंस की जयंती किए श्रद्धा सुमन अर्पित ; रामकृष्ण परमहंस मानते थे-सब धर्म ईश्वर तक पहुंचने के निमित्त मात्र
गोहाना :-12 मार्च: स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस मानते थे कि सब धर्म सच्चे हैं और वे सब ईश्वर तक पहुंचने के निमित्त मात्र हैं। मंगलवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। वह शहर में वार्ड नंबर 8 में पुराने बस स्टैंड पर स्थित सत नगर में हुए जयंती समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस को बचपन से विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन संभव हैं। वह न केवल आध्यात्मिक गुरु अपितु चिंतक भी थे। ईश्वर की प्राप्ति के लिए उन्होंने घोर साधना की और भक्ति से परिपूर्ण जीवन बिताया ।
आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। स्वामी रामकृष्ण परमहंस की बाल सुलभ सरलता और मंत्रमुग्ध कर देने वाली मुस्कान से हर कोई सम्मोहित हो जाता था।
इस अवसर पर सुषमा सेतिया, गुलाब सिंह, सुभाष शर्मा, उधम सिंह, मनोज कुमार, हार्दिक निनानिया आदि भी मौजूद रहे।


