गोहाना के बड़ौता गांव स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की प्राध्यापक डॉ. सरिता मलिक महिला शक्ति काव्य रत्न सम्मान से अलंकृत
कलम क्रांति की स्रोत है, ज्ञान को जब लेखनी का साथ मिलता है, तभी सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान की कहानी लिखी जाती है।
गोहाना :-9 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नेपाल में आयोजित कविता प्रतियोगिता में बड़ौता गांव स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की प्राध्यापक डॉ सरिता मलिक की कविता को प्रथम स्थान मिला है। यह ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन द्वारा आयोजित हुई।
काव्य प्रतियोगिता में डॉ. सरिता मलिक को “महिला शक्ति काव्य रत्न सम्मान” प्रदान किया गया है। प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका तथा तंजानिया के रचनाकारों ने सहभागिता की। फाउंडेशन के संस्थापक
अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने डॉ. सरिता मलिक को बधाई दी।
प्रतियोगिता की आयोजक टीम ने डॉ. सरिता मलिक का विस्तृत परिचय साहित्यिक परिचय डायरेक्टरी में प्रकाशित करने का निर्णय लिया है, साथ ही उन्हें 2025 में प्रस्तावित गौरवशाली सम्मान समारोह में सहभागी होने का अवसर भी प्रदान किया जायेगा ।
डॉ. सरिता मलिक अंग्रेजी विषय की सहायक प्राध्यापक हैं। अंग्रेजी की शिक्षिका होते डॉ. सरिता मलिक अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी के प्रचार-प्रसार में भी उत्कृष्ट भूमिका निभा रही हैं। उन्हें शिक्षा, समाज और संस्कृति के उत्थान के लिए भी विभिन्न सम्मान मिल चुके हैं।
डॉ. सरिता मलिक का मानना है कि कलम क्रांति की स्रोत है। ज्ञान को जब लेखनी का साथ मिलता है, तभी सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान की कहानी लिखी जाती है।



