सोनीपत के युवक से साईबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का डर दिखा कर 511612 रुपए ठग लिए

सोनीपत :-हरियाणा के सोनीपत में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। मुंबई साइबर क्राइम के नाम से फोन कर यहां के एक व्यक्ति को बताया गया कि उसके आधार कार्ड पर एक पार्सल आया है और उसमें अवैध वस्तुएं जब्त की गई हैं। व्यक्ति को डरा धमका कर वीडियो कॉल पर लिया गया। फिर उसके आधार कार्ड पर 3 बैंक अकाउंट होने व उसके मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने, FIR का भय दिखा कर साइबर ठगों ने उससे 5 लाख 11 हजार 612 रुपए ऐंठ लिए।
सोनीपत में सेक्टर-12 पार्ट 2 में रहने वाले सुदीप कुमार ने थाना साइबर क्राइम में दी शिकायत में बताया कि 5 मार्च को सुबह 9:18 बजे उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। दूसरी तरफ से बताया गया कि आपके आधार कार्ड पर एक पार्सल है, जिसमें अवैध वस्तुएं हैं और मुंबई में जब्त की गई हैं। इसके बाद उसे पार्सल के बारे में सभी विवरण जैसे समय, पता, राशि और पार्सल में अवैध वस्तुओं के बारे में बताया गया।
सुदीप का कहना है कि उसने फोन करने वाले को बताया कि ऐसा कोई पार्सल उसका नहीं है और वह कभी मुंबई गया ही नहीं है। फिर फोन करने वाले ने बताया कि वह उसे मुंबई साइबर पुलिस हेल्पलाइन से जोड़ रहा है। इस पर आधार कार्ड नंबर के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज करा दें। इसके बाद कॉल कट गई। इसके कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से कॉल आई और बताया कि वह मुंबई साइबर सेल से है।
फोन करने वाले ने उसे ऑनलाइन ऑडियो और वीडियो कॉल के लिए स्काइप से कनेक्ट करने के लिए कहा। उसने उस पर विश्वास किया और स्काइप पर उसके साथ ऑडियो और वीडियो कॉल कनेक्ट की। पूरे समय वे केवल ऑडियो पर थे और जब सुदीप अपना वीडियो बंद करता तो उसे बार बार वीडियो कॉल चालू रखने को कहा गया।
सुदीप के अनुसार उसे दूसरी तरफ से बताया गया कि उसके आधार कार्ड से छेड़छाड़ की गई है। उसके मुंबई में तीन और खाते हैं, इसलिए आप पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला होने वाला है। उसने बता करने वाले से कहा कि वह तो अपने पूरे जीवन में कभी मुंबई गया ही नहीं। फिर उन्होंने मुझे कानूनों के कुछ लिखित लेख और वहां कार्यालय आईडी की तस्वीर के साथ कुछ दस्तावेज भेजे।
उसने बताया कि इसके बाद प्रकाश कुमार गुंटू और डीसीपी बालसिंह राजपूत के नाम के साथ और मुझे अपना बैंक बैलेंस विवरण देने के लिए विवश किया। विवरण प्रदान करने के बाद दूसरी तरफ से उस पर रुपए ट्रांसफर करने का दबाव डाला। खुद को सरकारी कर्मी बताकर फोन करने वालों ने उसे ब्लैकमेल और परेशान किया। उससे कहा कि अगर तुम हमारे निर्देशों का पालन नहीं करोगे तो हम तुम्हें गिरफ्तार कर लेंगे।
सुदीप के अनुसार उनकी बातों से वह इतना डर गया कि उसे सूझ ही नहीं रहा था कि उसे करना क्या है। वह उनके जाल में फंस गया और बैंक जाकर अपने खाता नंबर से लेनदेन कर दिया। उसने दूसरी तरफ से बताए गए खाते में कुल 5 लाख 11 हजार 612 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दूसरी तरफ से इसकी पर्ची मांगी गई और फोन कट गया। उसे बाद में पता चला कि वह साइबर क्राइम का शिकार बन गया है।
सोनीपत साइबर थाना के ASI संदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर 12 निवासी सुदीप ने फोन नंबर 1930 पर अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताया। इसके बाद थाने में SHO से संपर्क कर कुछ दस्तावेज दिए और अपने साथ हुई पूरी वारदात का ब्योरा दिया। पुलिस ने साइबर थाने में उसकी शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धारा 386, 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस वारदात को लेकर छानबीन कर रही है।



