गोहाना में चंद्रशेखर आजाद के 93वें बलिदान दिवस पर किया नमन
आखिरी सांस तक रहे आजाद, घिरने पर खुद को गोली से उड़ा दिया
गोहाना मुद्रिका, 27 फरवरी: आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा द्वारा मंगलवार को पुरानी सब्जी मंडी के समीप चंद्रशेखर आजाद पार्क में चंद्रशेखर आजाद के 93वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि भेंट की गई। मोर्चे के सदस्यों ने की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
अध्यक्षता पार्क सुधार समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश मेहता ने की। मुख्य वक्ता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी रहे। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि मैं आजाद था आजाद हूं और आजाद रहूंगा और वह सच में अपनी अंतिम सांस तक आजाद रहे । अंग्रेजों की फौज से घिरने पर वह जीवित उनके हाथ नहीं आए। उन्होंने खुद को अपने ही रिवॉल्वर से गोली मार कर उड़ा दिया।
आजाद सिंह दांगी ने कहा कि चंद्र शेखर आजाद के राष्ट्र प्रेम ने देश के लाखों युवाओं के हृदय में स्वाधीनता की लौ जलाई। 1921 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़ने के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई।
आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के संरक्षक ने दावा किया कि जब चंद्रशेखर को अदालत में पेश किया तो उन ने जवाब में सबके होश उड़ा दिए। जज ने जब उनका नाम पूछा तो
उन्होंने अपना नाम आजाद और पिता का नाम स्वतंत्रता बताया।
समारोह में डॉ. समुद्र दास, रामकुमार प्रजापति, जगबीर आर्य, धर्मपाल नरवाल, कश्मीरी लाल बावा, रोहतास अहलावत, सुरेश फौजी, कृष्ण लाल चुघ आदि मौजूद रहे।


