विधानसभा चुनाव में गोहाना हलके से रामचंद्र जांगड़ा पर दोबारा दांव लगा सकती है भाजपा
गोहाना :- 16 फरवरी: नए साल के उदय के साथ जिस प्रकार से राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा को भारतीय जनता पार्टी गोहाना क्षेत्र में अत्यधिक सम्मान प्रदान कर रही है, उससे ऐसे संकेत हैं। कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में गोहाना हलके से उन पर 10 साल के बाद एक बार फिर से दांव लगा सकती है। रामचंद्र जांगड़ा स्वयं भी बार-बार अपनी इच्छा गोहाना से पुन: किस्मत आजमाने की खुल कर जाहिर करते रहे हैं।
2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गोहाना हलके से रामचंद्र जांगड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन विजयश्री ने उनका वरण नहीं किया। इस के बावजूद संगठन में उनको बैकवर्ड सेल का प्रदेश अध्यक्ष तो सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम का चेयरमैन बनाया गया। 2014 से 2019 तक रामचंद्र जांगड़ा ने गोहाना में खूब काम किए। कहने को विधायक कांग्रेस के जगबीर सिंह मलिक थे, लेकिन उस पांच साल के अंतराल में भाजपा के लिए विधायक रामचंद्र जांगड़ा ही थे और उन्हें पूरी शक्तियां मिली हुई थीं। ऐसे में वह 2019 के विधानसभा चुनाव में अपनी टिकट निश्चितप्राय: समझ रहे थे।
लेकिन जब चुनाव के रण में लोसुपा सुप्रीमो राज कुमार सैनी खुद गोहाना हलके से उम्मीदवार बन गए, एक बैकवर्ड से दूसरे बैकवर्ड को भिड़ाने की बजाय रणनीति बदलते हुए एक जाट के तौर पर तीर्थ सिंह राणा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। मायूसी में डूबते-उतराते रामचंद्र जांगड़ा को कोरोना काल में भाजपा ने तब पलकों पर बैठा लिया जब उन्हें राज्यसभा में भेज दिया गया। राज्यसभा सांसद के तौर पर भारत सरकार ने उन्हें सम्मान देने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहने दी। उन्हें राजभाषा की संसदीय उप समिति का संयोजक बनाया गया। साथ में महिला एवं बाल विकास समिति, शहरी विकास समिति और हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य भी बनाया।
जैसे ही 2024 ने दस्तक दी, भाजपा हाईकमान एक बार फिर से रामचंद्र जांगड़ा को गोहाना में अभूतपूर्व सम्मान देने लगा है। कुछ साल से प्रत्येक स्वाधीनता दिवसे और गणतंत्र दिवस समारोह के राजकीय समारोह के मुख्य अतिथि सोनीपत के भाजपा सांसद रमेश कौशिक बनाए जा रहे थे। इस बार के बदलाव ने सब को चौंका दिया।
इस बार गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण रामचंद्र जांगड़ा ने किया। रेवाड़ी में एम्स का पी.एम. नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास करने के लाइव टेलीकास्ट के लिए भी गोहाना हलके का मुख्य अतिथि रामचंद्र जांगड़ा को ही बनाया गया। वैसे भी इन दिनों गोहाना में रामचंद्र जांगड़ा के दौरे बहुतायत में हो रहे हैं।
न केवल भाजपा नेतृत्व एक बार नए सिरे से रामचंद्र जांगड़ा को गोहाना में उभार रहा है अपितु उनकी स्वयं की रूचि भी एक बार गोहाना से चुनाव लड़ने में है। अपनी दिलचस्पी को वह छुपाते नहीं हैं। रामचंद्र जांगड़ा कहते हैं: मैं अनुशासित सिपाही हूं। पार्टी जो आदेश देगी, शिरोधार्य करूंगा। साथ में वह यह जोड़ना नहीं भूलते कि वह पिछला चुनाव भी गोहाना से ही लड़ना चाहते थे, पर पार्टी ने उन्हें सेंटर में भेज दिया। सेंटर से उनका आशय उन्हें राज्यसभा सांसद बनाए जाने से है।


