हरियाणा कांट्रैक्टचुअल टीचर्स संघ ने सरकार से अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों पर स्थायी भर्ती से लटकी छंटनी की तलवार हटाने की मांग करी
गोहाना :- 9 जनवरी :अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों पर स्थायी भर्ती से लटकी छंटनी की तलवार हरियाणा कांट्रैक्टचुअल टीचर्स संघ ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए सरकार पालिसी बनाकर उनका रोजगार सुरक्षित करे। ये असिस्टेंट प्रोफेसर रिक्त पदों पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। अब स्थायी भर्ती की प्रक्रिया से उन पर छंटनी की तलवार लटक गई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक मोहनलाल कौशिक और भाजपा नेता ललित बत्रा को सी.एम. को संबोधित ज्ञापन दिया।
प्रदेश अध्यक्ष विजय मलिक और ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। अब स्थायी भर्ती की जाएगी तो उनकी छंटनी हो जाएगी, जिससे उनका भविष्य अंधकार में डूब जाएगा। काफी अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर ऐसे हैं उनकी आवेदन के लिए आयु पूरी हो चुकी है।
मलिक ने कहा कि राज्य सरकार राजकीय स्कूलों में अतिथि अध्यापकों का रोजगार सुरक्षित कर चुकी है। इसी तरह से विश्वविद्यालयों के अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों का भी रोजगार सरक्षित किया जाए। बी. पी. एस. महिला विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष डा. सुमन ने कहा कि अस्थायी रूप से कार्यरत 1013 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों को भरा हुआ मानकर अन्य पदों पर भर्ती की जाए। प्रदेश के 15 सरकारी विश्वविद्यालयों में एक हजार से अधिक अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर कई वर्षों से वर्कलोड पर कार्यरत हैं और उनकी नियुक्ति यू.जी.सी. के मापदंड के अनुसार की गई है।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सुनीता, डॉ. मीनाक्षी, डॉ पारुल, डॉ ओमबीर, डॉ संदीप, डॉ. पूजा आदि रहे।



