हरियाणा सरकार का व्यापारियों को नये साल का तोफ्फा
गोहाना :- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर व उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने पुराने वैट व सेल्स टैक्स के विवादों को समाप्त करने के गुरुग्राम के अपैरल हाउस में OTS स्कीम की घोषणा की । यह OTS स्कीम 01 जनवरी से 30 मार्च 2024 तक लागू रहेगी। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन नंबर 71/एस टी -1 तिथि 30 दिसम्बर 2023 को जारी की। इस विषय को विस्तार से सी ए कर्मबीर लठवाल, गोहाना प्रधान, टैक्स बार एसोसिएशन गोहाना, प्रधान सी ए एसोसिएशन गोहाना ने जानकारी साझा की
इस के दायरे में वो सभी व्यपारी आएगे जो हरियाणा वैट व सेल्स टैक्स क़ानून के तहत रजिस्टर्ड थे और उन्होंने विरुद्ध 30/06/2017 से पहले के किसी भी वर्ष की डिमांड थी जिसका उन्होंने अभी तक भुगतान नहीं किया था। और यदि उस डिमांड की रिकवरी हरियाणा जीएसटी क़ानून 2017 की धारा 142 में डीआरसी -7ए जारी करके भी कर लो है तो भी व्यपारी इस स्कीम का लाभ उठा सकते है।
इस स्कीम में व्यपारी निम्न प्रकार से लाभ ले सकते है :-
यदि डिमांड एड्मिटेड टैक्स की है तो उन्हे केवल 100% टैक्स की राशि देनी होगी, उनसे कोई पेनेल्टी व ब्याज नहीं लिया जाएगा ।
परन्तु जिन व्यपारियों की डिमांड डिस्प्यूटेड टैक्स की है और उन्होंने अपील कर रखी है या कोर्ट में विवाद चल रहा है , उनके लिए बड़ी राहत है, यदि उनकी आउटस्टैंडिंग अमाउंट 50 लाख से कम है, तो उन्हे आउटस्टैंडिंग अमाउंट का केवल 30% देना होगा और ब्याज व पेनेल्टी पूरी तरह से माफ होगी । यदि उनकी आउटस्टैंडिंग टैक्स की अमाउंट 10 लाख बनती है, तो उनको केवल 03 लाख ही जमा करवाना होगा (70% राशि माफ होगी ) यदि आउटस्टैंडिंग अमाउंट 50 लाख से अधिक है, तो उन्हे आउटस्टैंडिंग अमाउंट का केवल 50% देना होगा और ब्याज व पेनेल्टी पूरी तरह से माफ होगी ।
और जिन व्यपारियों की डिमांड अनडिस्प्यूटेड टैक्स और विभाग से कोई डिस्प्यूट नहीं चल रहा और उनका टैक्स भी देना बकाया है और उन्होंने कोई अपील भी नही की हुई है, यदि उनकी आउटस्टैंडिंग अमाउंट 50 लाख से कम है, तो उन्हे आउटस्टैंडिंग अमाउंट का 40% देना होगा और ब्याज व पेनेल्टी पूरी तरह से माफ होगी ।
यदि उनकी आउटस्टैंडिंग टैक्स की अमाउंट 10 लाख बनती है, तो उनको केवल 04 लाख ही जमा करवाना होगा (60% राशि माफ होगी ) यदि आउटस्टैंडिंग अमाउंट 50 लाख से अधिक है, तो उन्हे आउटस्टैंडिंग अमाउंट का केवल 60% देना होगा और ब्याज व पेनेल्टी पूरी तरह से माफ होगी ।
यदि डिमांड डिफरेंयल टैक्स यानि की टैक्स रेट के डिफरेंस के कारण विवाद चल रहा है या फॉर्म “सी” व फॉर्म “एफ” उपलब्ध न होने के कारण टैक्स की अमाउंट का डिफरेंस होने से टैक्स ज्यादा बन रहा है, उन्हे भी बड़ी राहत प्रदान करते हुए घोषणा की गई है कि उन्हें भी आउटस्टैंडिंग अमाउंट का केवल 30% देना होगा और ब्याज व पेनेल्टी पूरी तरह से माफ होगी ।
यदि उनकी आउटस्टैंडिंग टैक्स की अमाउंट 10 लाख बनती है, तो उनको केवल 03 लाख ही जमा करवाना होगा (70% राशि माफ होगी )
जिन व्यापारियों की टैक्स अदायगी 10 लाख से कम होगी, उन्हे इस OTS एमनेस्टी स्कीम का लाभ उठाने के लिए 30 मार्च, 2024 तक पूरी राशि का भुगतान करना होगा ।
जिन व्यापारियों की टैक्स अदायगी 10 लाख से 25 लाख के बीच होगी, उन्हे इस OTS एमनेस्टी स्कीम का लाभ उठाने के लिए दो किस्तों में राशि का भुगतान करना होगा । एक किस्त 30 मार्च, 2024 तक व दूसरी किस्त की राशि का भुगतान प्रोविशनल आर्डर के 90 दिन तक करना होगा ।
जिन व्यापारियों की टैक्स अदायगी 25 लाख से ऊपर होगी, उन्हे इस OTS एमनेस्टी स्कीम का लाभ उठाने के लिए तीन किस्तों में राशि का भुगतान करना होगा । एक किस्त 30 मार्च, 2024 तक व दूसरी किस्त का भुगतान प्रोविशनल आर्डर के 90 दिन तक करना होगा और तीसरी किस्त का भुगतान प्रोविशनल आर्डर के 180 दिनों तक करना होगा। और यदि व्यपारी समय पर भुगतान नहीं कर पाया तो उन्हें इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेंगे और पहले जमा करवाई गईं राशि भी वापिस नहीं मिलेगी उसे डिमांड में एडजस्ट कर दिया जाएगा।



