गोहाना के बुटाना में बनने वाली नई यूनिवर्सिटी में जनता शब्द चाहते हैं जनता विद्या भवन के अध्यक्ष
सत्यपाल सांगवान ने सी. एम. से इलाके के हित में की तीन और मांगें
गोहाना :- 24 दिसम्बर : जनता शिक्षण संस्थाओं के नियंता जनता विद्या भवन के अध्यक्ष सत्यपाल सांगवान ने रविवार को राज्य सरकार से मांग की कि इन संस्थाओं को नई स्टेट यूनिवर्सिटी में कन्वर्ट करते हुए नई यूनिवर्सिटी के नाम में जनता शब्द जरूर जोड़ा जाए। अध्यक्ष ने यूनिवर्सिटी में क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए सी.एम. से तीन और मांगें भी कीं ।
सत्यपाल सांगवान नीत कार्यकारिणी 15 जून 2022 को निर्वाचित हुई थी। त्रिवार्षिक चुनाव का करीब आधा ही पीरियड अभी बीता है। आशंका थी कि जनता विद्या भवन की निर्वाचित कार्यकारिणी संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने का विरोध कर सकती है। लेकिन यह आशंका तब निर्मूल साबित हो गई जब अध्यक्ष सत्यपाल सांगवान ने कह दिया कि इलाके और संस्थाओं के व्यापक हित में वह भी इन संस्थाओं को स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने का समर्थन करते हैं, हालांकि उन्हें शिकायत है कि जनता शिक्षण संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने के निर्णय का प्रबंधन को कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया।
जनता शिक्षण संस्थाओं की स्थापना जिस 70 एकड़ जमीन पर हुई, उसे स्व. जयराम सांगवान ने दान किया। लेकिन इन संस्थाओं को अपनी मेहनत से सींच कर आगे स्व. धज्जा राम सांगवान ने बढ़ाया। दोनों हस्तियों की जनता विद्या भवन के परिसर में प्रतिमाएं लगी हुई हैं।
नई यूनिवर्सिटी का नाम जयराम या धज्जा राम में से किसी एक के नाम पर रखने से दूसरा पक्ष खिन्न हो जाता। इस का जोखिम न लेते हुए सरकार के स्तर पर विकल्प यह निकाला गया कि दोनों में से किसी के नाम पर भी यूनिवर्सिटी का नाम न रखा जाए और यूनिवर्सिटी का नाम हरियाणा ग्रामीण यूनिवर्सिटी हो।
जनता विद्या भवन के अध्यक्ष सत्यपाल सांगवान ने रविवार को कहा कि 72 साल पुरानी इन संस्थाओं की पहचान ही इनका नाम है। उन्होंने कहा कि सरकार को नई यूनिवर्सिटी का नाम हरियाणा ग्रामीण विश्वविद्यालय के स्थान पर जनता ग्रामीण विश्वविद्यालय रखना चाहिए।
सत्यपाल सांगवान ने नई स्टेट यूनिवर्सिटी को लेकर सी.एम. मनोहर लाल खट्टर से तीन और मांगें कीं। पहली मांग बुटाना बारहा के गांवों के लिए नई यूनिवर्सिटी की नौकरियों और दाखिलों में पांच प्रतिशत आरक्षण की है। दूसरी मांग इन संस्थाओं में इस समय कार्यरत सभी कर्मचारियों को नई यूनिवर्सिटी में समायोजित करने की है।
जनता विद्या भवन के अध्यक्ष ने कहा कि प्रबंधन की तीसरी मांग जनता शिक्षण संस्थाओं के स्कूल सहित सब मौजूदा शैक्षणिक संस्थाओं को नई यूनिवर्सिटी के अंतर्गत रखने की है। यह ठीक वैसे हो जैसे 18 साल पहले महिला विश्वविद्यालय बनाते समय कन्या गुरुकुल स्कूल को यथावत रखा गया था।



