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हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने महिला विश्वविद्यालय की पी. एच. डी. की छात्राओं से किया संवाद

नौकरी देने वाले बनो, मांगने वाले नहीं, सामाजिक बुराइयों पर करें शोध : दत्तात्रेय

 

गोहाना :-15 दिसम्बर : नौकरी देने वाले बनो, मांगने वाले नहीं। जितनी आपकी क़ाबलियत होगी उतना ही अच्छा आपको काम मिलेगा। पैसा कमाने के लिए नहीं, सेवा के लिए शोध करें। पैसा भले ही कम हो, पर समाज में समर्पित भाव से काम करें। शोध डीप करें। सामाजिक बुराइयों पर शोध करें। एक लक्ष्य के साथ पढ़ाई करें। शुक्रवार को यह संदेश प्रदेश के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने दिया। वह बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय में पी. एच. डी. की छात्राओं से सीधा संवाद कर रहे थे अध्यक्षता वी.सी. प्रो सुदेश ने की

बंडारू दत्तात्रेय महिला विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय में बेटियों को घर में बंद करके रखा जाता था, बेटियों पर समाज की भी पाबंदियां थीं, उस समय में भगत फूल सिंह ने घर-घर जाकर बेटियों पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके बाद उनकी बेटी पद्मश्री बहन सुभाषिणी ने प्रतिकूल समय में महिलाओं के लिए छोटी संस्था को इतनी बड़ी बना दिया।

कुलाधिपति ने कहा कि शिक्षा जीवन को उत्कृष्ट बनाती है, जीवन में परिवर्तन लाती है। शिक्षा ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है। उन्होंने पी. एच. डी. कर रही छात्राओं से सीधा संवाद किया। छात्राओं डाटा कलेक्शन को एक बड़ी समस्या बताया। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शोध में डाटा बेस जरूरी है। डाटा मिलेगा, तभी आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अपने माध्यम से अपडेट रहें, इसी को शोध बोलते हैं। कुछ डाटा नहीं मिलता तो उसके बारे में पता करें जिज्ञासा बढ़ाएं, जिज्ञासा ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

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दत्तात्रेय ने कहा कि हर जगह दो प्रकार के लोग होते है नकारात्मक सोच वाले और सकारात्मक सोच वाले। आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हमेशा महान रखें। लक्ष्य के बिना आगे नहीं बढ़ सकते। शोध में तकनीकी और नवाचार होना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसे हम सकारात्मकता के साथ प्रयोग करें। कुलाधिपति ने कहा कि उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल जॉब ओरिएंटेड है। उन्होंने कहा कि अपने दिमाग को हमेशा फ्रेश रखें। नियमित रूप से योगाभ्यास करें क्योंकि स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का वास होता है।

वी. सी. प्रो सुदेश ने कहा कि महिला विश्वविद्यालय न केवल किताबी शिक्षा देता है बल्कि समाज को जागरूक करने के लिए समाज के बीच में जाकर शिक्षित करने का काम भी करता है। वी.सी. ने कहा कि यह परिवर्तन का दौर है, भारत विकसित हो रहा है, यहां पर महिलाओं का योगदान एक रोल मॉडल के रूप में होगा। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. नीलम मलिक के साथ प्रो. संकेत विज, प्रो. श्वेता हुड्डा, प्रो. रवि भूषण, प्रो. अशोक वर्मा, डॉ. सुमन दलाल, डॉ. संदीप दहिया, डॉ. सुनील सांगवान, डॉ. वीणा, डॉ इशानी, सोनीपत की ए.डी.सी. अंकिता चौधरी, गोहाना के एस.डी.एम. आशीष वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।

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