गोहाना में चलती कार में आग लगने से जिंदा जल गया रोहतक का फाइनेंसर
वैगन-आर में सी. एन. जी. लीक होने से लगी आग, मृतक गोहाना के देवीलाल नगर का था निवासी, कैहल्पा गांव में मां से मिलने जा रहा था

गोहाना :-6 दिसम्बर : गोहाना में मंगलवार की देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। कथूरा कैहल्पा संपर्क मार्ग पर एक चलती वैगन-आर कार में अचानक आग लग गई। इस हादसे में रोहतक के एक फाइनेंसर की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार को जानकारी तब मिली जब मृतक का भतीजा बाइक पर रोहतक जा रहा था। मृतक गोहाना शहर में देवीलाल नगर का रहने वाला था। पुलिस हत्या या हादसा, दोनों एंगल से जांच कर रही है। जिस समय हादसा हुआ, तब मृतक मां से मिलने जा रहा था।
बलबीर सिंह (45) पुत्र फूल सिंह शहर में देवीलाल नगर में रहता था। उसका बड़ा भाई सुरेश और मां फूली देवी कैहल्पा गांव में रहते हैं। बलबीर सिंह रात के 9:30 बजे गोहाना से वैगन-आर कार में कैहल्पा के लिए निकला। वह कार को खुद चला रहा था। वह कार में अकेला था। जब वह कथूरा गांव से कैहल्पा गांव की ओर जा रहा था, तब कथूरा गांव के जलघर के निकट उसकी सी.एन.जी. की किट लगी कार में अचानक आग लग गई। रात के समय एकदम सुनसान जगह लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया तथा उसकी ड्राइविंग सीट पर बलबीर सिंह मौत का निवाला बन गया । वह बुरी तरह से जल गया तथा केवल हड्डियों का ढांचा भर शेष रह गया।
बलबीर सिंह के परिवार को उसकी मृत्यु की जानकारी बुधवार की सुबह हुई। उसके भतीजे मनीष का मोबाइल फोन रात को बंद था। सुबह जब मृतक की पत्नी सरोज ने मनीष को फोन किया और पूछा कि आप का चाचा गांव में आया है। मनीष ने न में जवाब
दिया तो चाची ने पलट कर सवाल किया कि वह मजाक तो नहीं कर रहा है। बाद में मनीष किसी काम से रोहतक जाने के लिए बाइक पर कैहल्पा गांव से निकला। उसने रास्ते में वैगन-आर कार जली देखी। नंबर प्लेट टूट कर अलग गिरी पड़ी थी । तब उसने गोहाना में अपनी चाची सरोज को फोन किया तथा उससे वैगन-आर का नंबर कंफर्म किया। मनीष ने कार के अंदर झांका तो उसे कंकाल नजर आया।
परिजनों का कहना है कि वैगन आर कार में सी. एन. जी. किट लगी हुई थी। संभवत: किट के लीक होने से कार में आग लग गई। कार में सेंट्रल लॉक लगा हुआ था। शीशे न टूट पाने से बलबीर सिंह जलती कार के अंदर ही जल कर मर गया। सूचना मिलने पर बरोदा थाने के एस.एच.ओ. रमेश चंद्र की टीम मौके पर पहुंची। एफ.एस.एल. की टीम को भी बुलाया गया हालांकि परिवार इस घटना को हादसा मान रहा है, पर पुलिस हत्या के पहलू पर भी जांच कर रही है।
मृतक अपने पीछे पत्नी सरोज, बेटा जयदीप और बेटी ज्योति छोड़ गया है। वह फाइनेंसर का काम करता था। उसका रोहतक में सिविल अस्पताल के सामने रोटी बैंक था। पुलिस ने जली कार से उसका शव निकाला तथा पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक बलबीर सिंह की शिनाख्त उस द्वारा पहली सोने की अंगूठी और चेन से की।
कार में लगी आग को सबसे पहले छपरा गांव के ग्रामीणों ने देखा। उन्होंने कथूरा गांव के चौकीदार को सूचना दी। चौकीदार मौके पर पहुंचा। उसने देखा कि कार धू-धू कर जल रही थी । उसे यह अंदेशा नहीं हआ कि कार के अंदर भी कोई जल रहा हो सकता है।



