खाद के साथ दवाएं बेचने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई करेगा कृषि विभाग
गोहाना :-किसानों को गेहूं की पछेती किस्म की बिजाई के लिए डीएपी खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। किसानों को मांग के अनुसार डीएपी खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने रैक लगवाई है। रैक में किसानां को 27300 डीएपी खाद के बैग मिले हैं। रैक लगने से किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए पर्याप्त खाद मिल सकेगा। वहीं विभाग खाद के साथ दवाएं बेचने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई भी करेगा।
गेहूं की अगेती और समय की बिजाई का कार्य पूरा हो चुका है। अब गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई का कार्य चला हुआ है। गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई के लिए भी किसानों को डीएपी खाद की जरूरत रहती है। किसानों को सरकारी खाद वितरण केंद्रों से डीएपी खाद मांग के अनुसार नहीं मिल रहा था। वहीं प्राइवेट विक्रेता खाद के साथ दवाएं लेने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में अन्य विकल्प न होने के चलते किसानों को खाद के साथ दवा भी लेनी पड़ रही थी। किसानों की मांग थी कि कृषि विभाग उन्हें डीएपी खाद उपलब्ध कराए।
इसी के तहत अब विभाग ने डीएपी खाद की रैक लगवाई है। रैक लगने के बाद किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कृषि अधिकारियों ने किसानों को जरूरत के अनुसार ही खाद की खरीद करने की सलाह दी है, ताकि किसी भी किसान को खाद की किल्लत न हो।
^किसानों को खाद के साथ जरूरत नहीं होने पर भी दवाएं साथ देना गैर-कानूनी है। ऐसा करने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। किसान खाद के साथ अनावश्यक दवाएं देने वाले विक्रेताओं की शिकायत कृषि विभाग कार्यालय में कर सकते हैं।
राजेंद्र मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग, गोहाना
