विजयादशमी पर्व पर गोहाना में आर. एस. एस. का शस्त्र पूजन और पथ संचलन
राम राज्य की स्थापना के लिए राम को समझना जरूरी : स्वामी दिव्यानंद जी
गोहाना :- 24 अक्तूबर : राम राज्य की स्थापना तभी संभव होगी अगर हम पहले राम को समझ लेंगे। मंगलवार को यह संदेश डेरा बाबा मछंदरपुरी के महंत स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने दिया। वह विजयादशमी पर्व पर आर.एस.एस. के उत्सव में बाल भारती विद्यापीठ में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस उत्सव में पहले शस्त्र पूजन किया गया तथा उसके बाद पथ संचलन का सफल आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता योगेश कुमार रहे जो आर. एस. एस. की प्रांत प्रचार टोली के सदस्य हैं।
स्वामी दिव्यांनद जी ने कहा कि ज्ञान, इच्छा और क्रिया क्रमश: मां सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा के प्रतीक हैं। सरस्वती और लक्ष्मी जितनी ही अहमियत दुर्गा की भी है। शस्त्र के बिना शास्त्र अधूरा है। सत्य बोलना और धर्म आचरण करना चाहिए, लेकिन हम धर्म शब्द केवल बोलते भर हैं, हम धर्म का आचरण नहीं करते।
डेरा बाबा मछंदरपुरी के महंत स्वामी दिव्यानंद जी ने सनातन धर्म के समाप्त हो जाने की भविष्यवाणियां करने वालों को चेताया कि यह धर्म आचार्य मूलक नहीं, वेद मूलक है। खत्म वह होता है जिस का गुरु कोई नश्वर शरीर धारी होता है। सनातन धर्म वेद मूलक है।वेद अविनाशी औरसर्वकालीन प्रासंगिक हैं।
प्रांत प्रचार टोली के सदस्य योगेश कुमार ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि अगर राम चाहते तो अयोध्या से अक्षौहिणी सेना बुलवा लेते। लेकिन उन्होंने कंदराओं में रहने वाले आदिवासियों को सेवित से सेवक बना कर नई सेना का गठन किया। राम ने वंचितों-शोषितों में उत्साह का संचार कर लंका पर विजयश्री अर्जित की।
योगेश कुमार ने खुलासा किया कि सेना की एक बटालियन का युद्ध घोष राम को समर्पित है। उनके अनुसार सबसे बड़ा अभिवादन राम-राम है। उन्होंने कहा कि ऋषि केवल वह नहीं है जो संन्यासी है या वन में रहता है। वह भी ऋषि ही है जो समाज का मार्गदर्शन और पथ प्रदर्शन करता है।
पथ संचलन में शामिल आर. एस. एस. के कार्यकर्ता पूर्ण गणवेश में रहे। उन्होंने सिर पर काले रंग की टोपी धारण कर रखी थी। सब की कमीज सफेद, पैंट खाकी और जूते काले रंग के थे। पथ संचलन की अध्यक्षता आर. एस. एस. के नगर संघ चालक सुरेंद्र गर्ग ने की। संयोजन नगर कार्यवाह संजय गर्ग और सह कार्यवाह अंकित गर्ग का रहा।
पथ संचलन में भाजपा के जिला अध्यक्ष तीर्थ सिंह राणा, जिला उपाध्यक्ष अरुण बड़ौक और जिला महामंत्री परमवीर सैनी के साथ अश्विनी कुमार, डॉ. राकेश रोहिल्ला, महेंद्र भारद्वाज, सुमित मित्तल, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. रमेश कश्यप, राम निवास गोयल, सुशील जैन, आशीष गोयल, कुलदीप कौशिक आदि सम्मिलित रहे।
पथ संचलन का मार्ग में जिन विशिष्ट नागरिकों ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया, वे सुनील मेहता, नरेंद्र गहलावत, विजय मग्गो, डॉ. धर्मबीर नांदल, राजेश चौटाला, डॉ. एस. एन. गुप्ता, अरविंद जैन, परमानंद लोहिया, विनोद जैन, विजय मित्तल, रवींद्र गर्ग, ज्योति गोयल आदि रहे।
पथ संचलन बाल भारती विद्यापीठ से प्रारंभ और नगर परिक्रमा के पश्चात वहीं सम्पन्न हुआ। यह पथ संचलन बरोदा रोड, समता चौक, शहीद स्मारक, शहीद भगत सिंह चौक, दीनबंधु चौ. छोटू राम चौक, कॉलेज मोड़, लॉर्ड शिवा चौक, पुरानी अनाज मंडी, महाराजा अग्रसेन चौक, पटेल बस्ती और काठ मंडी से गुजरा।



