राज्यसभा सांसद रामचंदर जांगड़ा ने कहा-पुतले के दहन के साथ अपने अंदर के रावण का वध करें
गोहाना :- 22 अक्तूबर : दशहरे पर रावण का वध प्रतीकात्मक होता है। आवश्यकता है तो इस बात की कि जहां रावण के पुतले का दहन करें, वहीं सभी अपने अंदर के रावण का वध करें। बुराइयों रूपी रावण को अपने दिल से निकाल कर बाहर का रास्ता दिखा दें। रविवार की शाम को यह संदेश राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा ने दिया। वह पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ की रामलीला में पधारे। रामलीला में पहुंचने पर उनकी अगवानी मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण गोयल ने की। राज्यसभा सांसद ने रामलीला के मंचन
में भगवान राम और लक्ष्मण के चरित्रों को साकार करने वाले उनके स्वरूपों से आशीर्वाद भी ग्रहण किया।
रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि रामलीला का प्रति वर्ष मंचन मर्यादाओं और संस्कृति का स्मरण करवाने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि जनता को अच्छी बातें बार-बार याद दिलाई जाएं। रामायण के मंचन का उद्देश्य यही है कि हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को पूरी तरह से सहेज कर रखें। इस अवसर पर ओ. डी. शर्मा, वीरेंद्र जैन, अशोक जैन, सुंदर कश्यप, गोविंद गोयल, राम निवास सैनी, अरुण सैनी, पाले राम धीमान, डॉ. अनिल सैनी, प्रवीण कश्यप आदि भी उपस्थित रहे।



