गोहाना :- सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। पांच दोस्तों ने इसी सोच के साथ गरीब बस्तियों में स्वास्थ्य शिक्षा और जागरुकता अभियान शुरू किया। आज वह गरीबों की आंखों की रोशनी देने के साथ हार्ट ऑपरेशन तक अपने खर्च करा रहे हैं। उनके अभियान में अब इनके अन्य दोस्त भी जुड़ गए हैं और संख्या 19 हो गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं स्वच्छ भारत मिशन मामले में सीएम के पूर्व सलाहकार व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सदस्य डॉ. योगेंद्र मलिक ने आठ साल पहले दोस्त डॉ. सुनील कुमार, शिक्षक डॉ. अश्विनी खासा, दंत चिकित्सक डॉ. राकेश रोहिल्ला व आईटी से जुड़े रविंद्र दहिया के साथ मिलकर अपना अभियान शुरू किया था।
अभ्युदय जन सेवा न्यास संगठन बनाया। उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों में सफाई, वहां के बच्चों को ट्यूशन और उनके स्वास्थ्य की जांच और इलाज शुरू किया। संस्था ने 60 वर्ष तक के ऊपर के लोगों की आंखों मुफ्त जांच और चश्मे उपलब्ध करा रही है। इसके लिए बस स्टैंड के पास बीते साल बसंत पंचमी पर एक केंद्र भी खोला। जहां रोजाना 25 से 30 लोगों की जांच होती है। अबतक 13593 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। अभियान को लेकर बैठक करते डॉ. योगेंद्र मलिक व अन्य। अपनी कमाई से ही कर रहे खर्च : आठ साल से ये सभी अपनी कमाई से ही लोगों के स्वास्थ्य पर राशि का खर्च कर रहे हैं।
टीम ने अमर बलिदानी भगत फूल सिंह स्मृति छात्रवृत्ति शुरू की है। इसके तहत जरूरतमंद परिवारों के मेधावी बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए हर माह 2500 रुपए वितरित किए जाएंगे। इ फरवरी में साक्षात्कार के बाद उन्हें छात्रवृत्ति दी जाएगी। ^सभी लोग सुखी व स्वस्थ रहें, इसी उद्देश्य से उन्होंने अभियान की शुरुआत की थी। आमजन की आंखों, दांतों व अन्य जांच नियमित की जा रही है। युवाओं को नशे से बचाना है, जिसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान नियमित जारी रहेगा। -डॉ. योगेंद्र मलिक, अध्यक्ष, संगठन।
शुरू किए कई प्रोजेक्ट : संगठन नेराष्ट्रीय चिकित्सा आयोग व सक्षम संगठन के साथ प्रोजेक्ट दृष्टि, प्रोजेक्ट मुस्कान, प्रोजेक्ट धड़कन के तहत स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही है तो अमर बलिदानी भगत फूल सिंह स्मृति छात्रवृत्ति, वृक्षारोपण, ग्राम विकास की विभिन्न परियोजनाओं में सहयोग व नशा मुक्त शाकाहार युक्त जीवन अभियान चला रहे हैं। इनमें प्रोजेक्ट दृष्टि के तहत लगे शिविरों में 13 हजार से अधिक लोगों की आंखों जांच और 9593 से अधिक लोगों को चश्मा दिया गया। प्रोजेक्ट मुस्कान के तहत दंत चिकित्सक डॉ. राकेश रोहिल्ला के नेतृत्व में 267 बुजुर्गों को कृत्रिम जबड़े भी वितरित किए हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट धड़कन के तहत सात लोगों के हार्ट की सर्जरी भी करा चुके हैं।



