दिल्ली में गहरा सकता है पेयजल संकट ; सोनीपत के बड़वासनी में करियर लिंक चैनल नहर फिर टूटी: फसल जलमग्न
सोनीपत में करियर लिंक चैनल नहर फिर से टूट ने गांवों में फसलें जलमग्न हो गई है। इसके चलते दिल्ली में पेयजल संकट गहरा सकता है। बताया जा रहा है कि गांव बड़वासनी के पास आधी रात को टूटी नहर ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। जिसके कारण गांव बड़वासनी के खेतों में नहर का पानी घुस गया।
सोनीपत :- दिल्ली में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई करियर लिंक चैनल (सीएलसी) नहर गांव बड़वासनी के पास फिर से टूट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात करीब 12 बजे नहर टूट गई थी। नहर टूटने के कारणों का पता नहीं लग सका है। नहर टूटने से गांव बड़वासनी के पास सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। दिल्ली में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। इसी नहर से दिल्ली में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इससे दिल्ली में पेयजल संकट गहरा सकता है। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि पानी को पश्चिमी यमुना लिंक नहर में डायवर्ट कर दिया है। जिससे दिल्ली को पूरे पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
गांव बड़वासनी के पास शुक्रवार रात करीब 12 बजे अचानक सीएलसी नहर टूट गई। करीब 40 फीट का कटाव होने से नहर का पानी गांव बड़वासनी के खेतों के साथ ही गोहाना-सोनीपत रोड से बहने लगा। जिससे वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ गई। इस नहर से दिल्ली में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जिससे वहां भी पेयजल संकट होने का डर सताने लगा। रात को मामले का पता लगते ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन गुलशन कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। बुलडोजर व अन्य से पानी का बहाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। गांव बड़वासनी के पास भूमि में पानी भर गया है। जिससे किसानों की कई एकड़ में खड़ी फसल में भी जलभराव हो गया है।

पश्चिमी यमुना लिंक से भेजा जा रहा पानी
दिल्ली में आपूर्ति किया जाने वाला पानी खुबडू झाल के पास से सीएलसी की बजाय पश्चिमी यमुना लिंक नहर में डायवर्ट कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि दिल्ली में पूरे पानी की आपूर्ति की जाएगी। पेयजल की कमी नहीं होने दी जाएगी।
सड़क पर बह रहा पानी
गांव बड़वासनी के पास नहर टूटने से पानी सड़क पर भी बह रहा है। वाहनों को अब दूसरे मार्गों से गुजारा जा रहा है। जिससे किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
14 जून को भी टूट गई थी नहर
इससे पहले 14 जून को भी सीएलसी नहर टूट गई थी। जिसे तीसरे दिन चालू किया जा सका था। तब नहर की सफाई भी कराई गई थी, लेकिन अब फिर से नहर टूट गई है।
