करनाल :- हरियाणा के करनाल मे पानीपत के ASI ऋषिपाल की कल 6 से 7 गोलियां मार कर उसकी हत्या करके बुढ़नपुर नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने आज परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। परिजनों के आने के बाद पहले शव का ऐक्सरे करवाने के मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया। उसके बाद अब पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस डॉक्टरों के पैनल पर पोस्टमार्टम करवा रही है। जिसके बाद परिजन ASI के पार्थिव शरीर को लेकर उनके पृतक गांव खानपुर खुर्द के लिए रवाना होंगे। वहीं पर ASI के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वहीं दूसरी और इस मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए 3 से 4 लोगों को हिरासत में ले रखा है। एक आरोपी दीपक को कल ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। जिसमें उसने माना है कि पार्टी में हुई कहासुनी के बाद उसने ऋषिपाल को गोलियां मारकर उसके शव को बुढ़नपुर नहर में फेंक दिया।
बातदें कि शुक्रवार शाम को ASI ऋषिपाल अपनी गाड़ी क्रेटा को थाने में खड़ा करके बाहर गया था। लेकिन देर रात तक वहा वापस नहीं आया। जब उसका फोन बंद हुआ तो परिजनों का शक गहराया और उसकी तलाश की जिसके बाद उसका शव करनाल के सदर थानाक्षेत्र के बुढ्ढनपुर नहर में ASI ऋषिपाल का शव बरामद हुआ था। बाद में पता पुलिस जांच में सामने आया कि ऋषिपाल के दोस्त दीपक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कहासुनी होने बाद उसकी 6 से 7 गोलियां मार हत्या कर दी थी। 
पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे ASI के छोटे भाई रामकरण ने बताया कि हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। पुलिस उनके परिवार के साथ न्याय जरूर करेंगी। उसके भाई कि किसी से भी दुश्मनी नहीं थी। पूरे परिवार को पालन उसी के कंधों पर था। आज भाई के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।

ASI के भाई रामकरण ने बताया कि 28 अक्टूबर 2000 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। पिछले 23 साल से वह पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहा था। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की सुरक्षा में सेवा दे चुके है। अब पिछले कई साल से वह पानीपत में ही तैनात थे। पानीपत में वह थर्मल, सेक्टर 11,12 और हथवाला चौकी के इंचार्ज रह चुके है। बीती 7 मई 2023 को CIA-1 से सेक्टर 13-17 में बदली हुई थी।
6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या आरोपी को किया था 24 घंटे में गिरफ्तार
बतादें की बीती 15 अगस्त को पानीपत में एक आरोपी ने 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले की जांच ऋषिपाल को ही सौंपी गई थी। 24 घंटे में अंदर उन्होंने इस मामले को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद DGP द्वारा उन्हें प्रशंसा पत्र व 50 हजार रुपए इनाम देकर सम्मानित किया गया।
करीब 12 साल से गोहाना मे रह रहे थे किराए के मकान में
छोटे भाई रामकरण ने बताया कि पिछले करीब 12 साल से हम तीनों भाई परिवार के साथ गोहाना में किराए के मकान में रहे थे। उनकी भाभी सारिता JBT टीचर है। हम तीनों भाइयों की किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी। उसके बाद भी पता नहीं क्यों मेरे भाई की हत्या कर दी गई।
छोटे भाई ने बताया कि उसके भाई के पास दो बेटी व एक बेटा है। बेटा युद्ववीर IIT की जबकि बेटी नीतिका IAS की तैयारी कर रही है। सबसे छोटी बेटी रीतिका 9वीं कक्षा में पढ़ रही है। जबकि हमारे पिता चंद्रहास को कई साल पहले स्वर्गवास हो चुका है। अब ऋषिपाल की परिवार के पालन पोषण करते थे। भाई की मौत के बाद तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।



