पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति हुडा ने भूपेन्दर सिंह हुडा पर साधा निशाना
क्या कांग्रेस आलाकमान से 6000/- वृद्धाअवस्था पेंशन की ली मंजूरी अपने शासन काल मे 500 ही बड़ाही थी
हरियाणा के रोहतक में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में फिर पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा ने रविवार को संत कबीरदास जयंती मनाई थी। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि उसमें कबीरपंथी बहुत कम थे और दूसरे लोग बहुत ज्यादा।
उन्होंने वहां सरकार बनने पर 6 हजार बुढ़ापा पेंशन देने का ऐलान किया था, लेकिन उन्होंने अपने 10 साल के कार्यकाल में केवल 500 रुपए पेंशन बढ़ाई थी। अब सरकार आने पर वह दोगुनी पेंशन कैसे कर देंगे, झूठ बोलने की भी एक हद होती है। हुड्डा किस आधार पर ये घोषणाएं कर रहे हैं, क्या उन्होंने हाईकमान से इसकी परमिशन ली है।
उन पर बड़ा आरोप है कि 1977 मे भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस महज कुछ जीपों के लिए छोड़ी थी। चुनाव के दौरान कांग्रेस हाईकमान की ओर से 25-30 जीप आई थी, उनका आज तक कहीं अता-पता नहीं है। पूर्व सीएम कहते हैं कि उन्होंने कभी कांग्रेस नहीं छोड़ी, लेकिन 1977-80 तक उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी।
हुड्डा की वजह से भाजपा में गया कांग्रेस वोटर
कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने कहा कि पूर्व सीएम ने 2 लाख नौकरियों की घोषणा की है। इनके कार्यकाल में 65 हजार नौकरियां खाली छोड़ दी। जिनमें से करीब 20 हजार नौकरियों के तो इंटरव्यू और टेस्ट भी हो चुके थे। इस तरह के दावों से लोगों को गुमराह और बरगला रहे हैं। कांग्रेस का ट्रेडिशनल वोट बैंक था, वे हमेशा कांग्रेस के साथ रहे हैं। पहली बार 2014 में कांग्रेस से दूर गए। भूपेंद्र हुड्डा की गलत नीतियों की वजह से कांग्रेस का ट्रेडिशनल वोट बैंक BJP में चला गया।
गांधी परिवार के प्रति वफादारी का छलावा करते हैं पिता-पुत्र
कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने कहा कि भूपेंद्र और दीपेंद्र हुड्डा गांधी परिवार के प्रति अपनी वफादारी दिखाते हुए फिर रहे हैं। लेकिन जब 1977 में जब जेल जाने का समय आया तो भूपेंद्र हुड्डा कहां थे, वे (कृष्ण मूर्ति हुड्डा) जेल में गए, जिसके सबूत भी हैं। भूपेंद्र हुड्डा अपने पिता के जेल में जाने की बात करते हैं, लेकिन खुद कभी नहीं गए।
भूपेंद्र खुद के गांव में नहीं पहुंचा पाए सिंचाई का पानी
कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने कहा कि रोहतक के 10 की जमीन कोड़ियों के भाव ली है। जिनके आज भाव आसमान हैं। उन्होंने किसानों को बर्बाद करने का काम किया है। भूपेंद्र हुड्डा किसानों के नेता कहलाते हैं और अपने गांव में सिंचाई का पानी तक नहीं दे पाए, जबकि वह 10 साल तक सीएम रहे। पूरा गांव रो रहा है कि इस हालत के भूपेंद्र हुड्डा जिम्मेदार हैं।



