सोनीपत में 17 दुकानों पर लटक रही तोड़ फोड़ की तलवार से मंगलवार को दुकानदारों को मिली राहत ; सुप्रीम कोर्ट पहुंचे दुकानदारों को मिला स्टे,मेयर मदान बोले- मालिकाना हक दिलाएंगे।
सोनीपत :- हरियाणा के सोनीपत में 17 दुकानों पर लटक रही तोड़ फोड़ की तलवार से मंगलवार को दुकानदारों को कुछ राहत मिली। प्रशासन ने आज दुकानों को गिराने की तैयारी की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे दुकानदारों को सअे मिल गया। इसके बाद प्रशासन दुकानों पर बुलडोजर नहीं चला सका। इस बीच नगर निगम के मेयर निखिल मदान सुभाष चौक पर दुकानदारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 40 साल से जमे दुकानदारों को इनका मालिकाना हक दिलाएंगे।
सोनीपत के सुभाष चौक पर बनी 17 दुकानें हरियाणा पुनर्वास विभाग की जमीन पर बनी हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने दुकानदारों को 16 अगस्त को नोटिस देकर तीन दिन में दुकानें खाली करने के आदेश दिए थे। 22 अगस्त को उनकी दुकानें गिराने की जानकारी नोटिस में दी गई थी। प्रशासन ने मंगलवार को तहसीलदार जिवेंद्र कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया था। दुकानों को तोड़े जाने के विरोध में दुकानदार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, जहां उनको स्टे मिल गया।
मेयर निखिल मदान ने बताया कि दुकानदारों को इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय से स्टे मिल गया है। उन्होंने दुकानदारों से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना है। साथ ही तहसीलदार से भी पूरा मामले में बातचीत हुई है। उन्होंने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि कस्टोडियन विभाग औऱ प्रशासन से बातचीत एवं पत्राचार कर सभी दुकानदारों को दुकानों पर मालिकाना हक़ दिलवाया जाएगा। दुकानदारों को पूरी मदद दी जाएगी।


