सोनीपत के सुभाष चौक की 17 दुकानों को तोड़ने का मामला ; प्रशासन दोपहर तक कार्रवाई शुरू नहीं कर पाया, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे दुकानदार, स्टे मिलने की सूचना पर पुष्टि नहीं
सोनीपत :- हरियाणा के सोनीपत में प्रशासन दोपहर तक सुभाष चौक की 17 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू नहीं कर पाया। सामने आया है कि दुकानदार हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट से दुकानदारों को इस मामले में स्टे दिए जाने की सूचना है। हालांकि दुकानों को स्टे मिलने की सूचना की अभी पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन भी मामले पर पूरी निगाह रखे हुए है।
सोनीपत के सुभाष चौक पर स्थित इन दुकानों पर पीला पंजा चलाने की प्रशासन की तैयारी पूरी है। 16 अगस्त को दुकानदारों को नोटिस देकर तीन दिन में दुकानें खाली करने के आदेश दिए थे। इन 17 दुकानदारों को बताया गया था कि 22 अगस्त को उनकी दुकानें गिरा दी जाएंगी। वे अपना कीमती सामान निकाल लें। इसके बाद दुकानदार भाजपा नेताओं की शरण में भी गए, लेकिन कोई आसरा अभी उनको नहीं मिला है। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की जानकारी आ रही है।
डीसी ने दुकानों को तोड़ने के दौरान शांति व्यवस्था बना रखने के लिए जहां तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया है, वहीं पुलिस फोर्स भी मांगी गई है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि वे 40 साल से ज्यादा समय से यहां पर अपना कारोबार कर रहे हैं। उन्हें नियमों के मुताबिक राहत मिले और जो राशि जमा कराने का प्रावधान हैं, दुकानदार उसमें सहमत हैं।
दुकानदार रामकुमार, भूपेंद्र, ईश्वर, हरिश्चंद्र ने कहा कि अगर सरकार किराया वसूलना चाहे तो वह भी नियम अनुसार अदा करते रहेंगे। लेकिन प्रशासन पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर किसी प्रकार की राहत देने की तैयारी में नहीं है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि दुकानों पर नाजायज कब्जा किया गया है। अब इस कब्जे को हटाना है।
बताया गया है कि ये 17 दुकानें पुनर्वास विभाग की जमीन पर बनी हैं। इनके एक तरफ जहां सुभाष चौक व एटलस रोड है, वहीं दूरी तरफ सोनीपत की प्रमुख मार्केट है। दुकानदारों द्वारा कब्जाई गई ये जमीन बेसकीमती है। दुकानदारों ने अपना कब्जा बचाए रखने के लिए लोकल कोर्ट से लेकर हाई कोट तक लड़ाई लड़ी है, लेकिन कोई राहत नहीं मिली है। अज दुकानों को गिराने का दिन है और दुकानदार अंतिम समय में किसी करिश्मे का इंतजार कर रहे हैं।


