गोहाना :- शहर के रेलवे स्टेशन पर प्रॉपर्टी डीलर से पिस्तौल के बल पर 1.05 करोड़ रुपए लूटने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने छुपने का ठिकाना पहले ही बना लिया था। राजस्थान के जोधपुर में मकान किराए पर लिया था। जहां परिवार के साथ शिफ्ट होने वाले थे और वहां अपना कारोबार शुरू करना चाहते थे। उन्होंने वारदात में एक अन्य आरोपी के भी शामिल होने की बात कही है।
पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस चौथे आरोपी की तलाश में जुट गई है। दिल्ली के द्वारका में प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाले कथूरा गांव निवासी राकेश नरवाल 9 अगस्त को जीआरपी चौकी में जमीन दिलाने के बहाने बुलाकर स्टेशन के पास एक करोड़ पांच लाख लूटने की शिकायत दी थी। उसमें उसने अपने परिचित कई जमीनों का सौदा कराने वाले गांधी नगर निवासी राजकरण उर्फ रजवा पर अपने भाई सुशील उर्फ बबला व अन्य के साथ वारदात करने का आरोप लगाया था।
उसका कहना है कि राजकरण ने सौदे के नाम पर पहले 30 लाख रुपए लिए थे। पुलिस उनके घर पहुंची तो आरोप परिवार के साथ फरार थे और अपना मोबाइल सिम सहित कॉलोनी के लोगों को बेच गए थे। लेकिन आरोपी ने अपना नया मोबाइल अपने ईमेल आईडी से अपडेट किया तो पुलिस ट्रेस करते हुए नरवाना स्टेशन से राजकरण, उसके भाई और उसके साले गुरजीत निवासी नूरन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया।
गुरजीत के घर से लूटे गए एक करोड़ पांच लाख भी बरामद कर लिए थे। रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि नया कारोबार शुरू करने के लिए पहले ही लूट की साजिश रची थी। जीआरपी के डीएसपी अशोक कुमार ने बताया कि लूट में इन तीनों के अलावा एक अन्य साथी भी था। वह फरार है। राजकरण ने नया काम शुरू करने के लिए अपने परिवार को राजस्थान के जोधपुर में शिफ्ट कर दिया था। वहां एक मकान किराए पर लिया है।



