विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बीएलए एवं बीएलओ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी अधिकारी गंभीरता से करें कार्य : मनीष मलिक


एसआईआर कार्य में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका महत्वपूर्ण
सोनीपत, 05 जून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने के उद्देश्य से राई विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) मनीष मलिक की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), सुपरवाइजर तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निर्वाचक पंजीयन अधिकारी मनीष मलिक ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 जून 2026 तक बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा मतदाता सूची से संबंधित मुद्रण कार्य किए जाएगे। इसके पश्चात 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थित करने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। सूचना चरण, जिसमें नोटिस जारी करना, सुनवाई एवं सत्यापन की प्रक्रिया शामिल है, 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक संचालित होगी। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
डीडीपीओ ने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले मतदाताओं का सत्यापन कार्य के दौरान नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करना तथा मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी बीएलए से अपील की कि वे निर्वाचन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मतदाता सूची के सत्यापन कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की विभिन्न प्रक्रियाओं, प्रपत्रों, समय-सीमा, मतदाता सत्यापन, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
निर्वाचक पंजीयन अधिकारी ने कहा कि सभी बीएलओ अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक फील्ड विजिट करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अभियान है। इसके सफल क्रियान्वयन में प्रशासन, राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ तथा आम नागरिकों की सहभागिता समान रूप से आवश्यक है।
इस दौरान सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं नायब तहसीलदार इरफान अली तथा निर्वाचन कानूनगो पूजा, मास्टर ट्रेनर अतेन्दर पाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



