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बाल विवाह के विरुद्ध प्रशासन की सख्ती, सोनीपत को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प

उपायुक्त सुशील सारवान के नेतृत्व में जिला स्तरीय जागरूकता अभियान तेज, स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित

 

बाल विवाह से संबंधित शिकायतों के लिए 112, 1098 करे डायल, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को रखा जाएगा गोपनीय

सोनीपत, 30 दिसंबर। जिला प्रशासन बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर, संवेदनशील एवं सख्त कदम उठा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही इस सामाजिक अपराध पर प्रभावी रोक संभव है।

उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि जिला में किसी भी बच्चे का बचपन न छीना जाए। इस दिशा में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा पंचायतों के सहयोग से संभावित बाल विवाह की घटनाओं पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

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उपायुक्त के नेतृत्व में चल रहे जिला स्तरीय जागरूकता अभियान के तहत आज जिला संरक्षण सह बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। टीम में शामिल राजेश, महिला सिपाही स्वीटी तथा ईएचसी राजमल द्वारा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खेवड़ा एवं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखौली में जागरूकता शिविर लगाए गए। इन शिविरों के माध्यम से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल अधिकारों, शिक्षा के महत्व तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि बाल विवाह की किसी भी आशंका की सूचना तुरंत प्रशासन को देना प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है।

इस संबंध में जिला संरक्षण सह बाल विवाह निषेध अधिकारी सुश्री रजनी गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। जिला प्रशासन को जैसे ही किसी संभावित बाल विवाह की सूचना मिलती है, तुरंत हस्तक्षेप कर उसे रोका जाता है तथा सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।

जिला प्रशासन ने करी आमजन से अपील

बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। जिला प्रशासन यह स्पष्ट करता है कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बाल विवाह के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Khabar Abtak

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