गोहाना उपमंडल में शनिवार को शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। शिव भक्तों ने शिवालयों में भगवान शिव की प्रतिमा का दूध व गंगाजल से जलाभिषेक किया। मंदिरों में रात से भी जलाभिषेक शुरू हो गया था। मंदिरों की प्रबंध समितियों ने शिव भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए हुए थे। प्रशासन ने भी सुरक्षा के लिए मंदिरों के आसपास और प्रमुख रोड पर पुलिस जवान तैनात किए हुए थे।
धनाना गांव के प्राचीन सिद्धपीठ शिव मंदिर, शहर में पुरानी सब्जी मंडी स्थित प्राचीन शिव मंदिर, गायत्री मंदिर, बरोदा रोड स्थित शिव मंदिर, देवीपुरा प्राचीन शिव मंदिर, परशुराम आश्रम स्थित शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, इंद्रगढ़ी स्थित मंदिर, आदर्श नगर स्थित मंदिर व रेलवे कॉलोनी स्थित मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की लंबी लाइने लगी रही। पंडित राजेश शास्त्री ने बताया कि मंदिरों में शुक्रवार रात 12 बजे ही जलाभिषेक शुरू हो गया था।
भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे। शिव भक्तों ने गंगाजल और दूध से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिरों में भगवान शिव का जागरण हुआ शिवरात्रि के अवसर पर धनाना गांव में मेले का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों को बताया शिवरात्रि का महत्व गीता विद्या मंदिर स्कूल में शनिवार को शिवरात्रि का पर्व मनाया गया। प्राचार्य अश्विनी कुमार ने समुद्र मंथन के समय निकले विष को शिव ने लोक कल्याण के लिए पान किया था। इसके बाद भगवान शिव का शरीर तपने लगा था। भगवान शिव के शरीर का ताप शांत करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव पर जल चढ़ाया था।



