गोहाना :- सरकारी स्कूलों में दाखिले की आयु बढ़ाने पर शुक्रवार को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने रोष प्रकट किया। उन्होंने दाखिला के लिए पुरानी व्यवस्था में बदलाव नहीं करने की मांग की। उन्होंने राजकीय कन्या स्कूल में बीईओ अनिल श्योराण को ज्ञापन भी दिया।
संगठन के जिला सचिव नरेंद्र चहल ने कहा कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा के ढांचे को बर्बाद करना चाहती है। पहली कक्षा में दाखिले की उम्र अधिक कर दी, जिसके कारण अबकी बार पहली कक्षा में दाखिले न के बराबर हुए हैं।
परिवार-पहचान-पत्र की अनिवार्यता के कारण भी बाल वाटिका के दाखिले नहीं हो रहे हैं। वहीं चिराग योजना के चलते सरकारी स्कूल से एसएलसी लेकर प्राइवेट में पढ़ने पर उनकी फीस सरकार देने का वादा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों में शिक्षा का ढांचा बिगड़ जाएगा। सार्वजनिक शिक्षा को बचाने के लिए संघ निरंतर संघर्ष करेगा। उन्होंने सरकार से स्कूल मर्जर, चिराग योजना, दाखिला की आयु का जारी पत्र वापस लेने, परिवार-पहचान-पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने, मॉडल संस्कृति स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुपालन में लागू की गई दाखिला व मासिक फीस वापस लेने, जेबीटी शिक्षकों के अंतर जिला तबादले करने, शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं करवाने समेत अन्य मांगों को लागू करने की मांग की। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, हंसराज, राजपाल, संतराम, रविंद्र कौशिक, सुनील लाठर, निरंजन, अर्जुन मलिक, रामकरण गहलोत, जोगिंद्र शर्मा, कर्मवीर सिंह, दलबीर डांगी, रमेश शास्त्री, दिलबाग, रामकुमार, संतराम रोहिल्ला आदि उपस्थित थे।



