राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा : गोहाना हलके को मॉडल हलका बनाने की मेरी मंशा है अधूरी
भाजपा देगी आदेश तो गोहाना से जरूर लडूंगा चुनाव : जांगड़ा

गोहाना :-15 जुलाई : भारतीय जनता पार्टी अगर मुझे आदेश देगी, मैं गोहाना हलके से चुनाव जरूर लडूंगा। यह टिप्पणी सोमवार को राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने की। वह 2014 के चुनाव में इसी हलके से पार्टी के उम्मीदवार थे। उन्होंने कहा कि मैं गोहाना हलके को मॉडल हलका बनाना चाहता हूं और मेरी यह मंशा अभी अधूरी है। अपनी बढ़ती उम्र का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि वैसे भी 75 के बाद उत्तरार्द्ध प्रारंभ हो जाता है।
रामचंद्र जांगड़ा शहर की नई अनाज मंडी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद सहरावत, कश्यप राजपूत सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर कश्यप, गोहाना भाजपा मंडल के अध्यक्ष सुमित कक्कड़ और लायंस क्लब – गोहाना के द्वितीय उपाध्यक्ष सतीश जांगड़ा भी उपस्थित रहे।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह खुद को बाहरी उम्मीद नहीं मानते। गोहाना उनका घर है। महम एक वक्त में
गोहाना तहसील का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि गोहाना से भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ने वालों में उन्होंने सबसे ज्यादा वोट लिए। उनके अनुसार 2014 के चुनाव में उनके वोट 29 हजार आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि बाकी जिन को भी टिकट मिला, किसी के 7200 तो किसी के 4200 वोट ही आए ।
रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि अगर इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा उन्हें उम्मीदवार बनाएगी, तब वह क्लीन स्वीप करते हुए 50 हजार से ज्यादा वोटों से जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि 2019 के
चुनाव में उन्हें दोबारा मौका दिया जाता, वह निश्चित तौर से जीतते और यह सीट भाजपा की झोली में आती। राज्यसभा सांसद ने कहा कि श्रेय कोई लेता रहे, पर तथ्य यह है कि उन्होंने 1000 करोड़ रुपए से गोहाना का विकास करवाया। उनके अनुसार वह तीन बार सी. एम. को गोहाना लाए तथा हर बार सी. एम. ने 250 से 300 करोड़ की सौगात दी। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में गोहाना हलके से चुनाव हारने के बाद वह कहीं गए नहीं, अपितु पूरे 5 साल गोहाना में बने रहे तथा अपनी ओर से इलाके के विकास में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहने दी ।
रामचंद्र जांगड़ा के अनुसार वह गोहाना हलके में न केवल
गोहाना शहर को मॉडर्न सिटी अपितु हलके के प्रत्येक गांव को मॉडल विलेज बनाना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि यदि वह विधायक बने, वह हलके के प्रत्येक गांव में इंसानों के साथ पशुओं के इलाज के लिए डिस्पेंसरी खुलवाएंगे, अच्छे स्कूलों, पार्कों और स्टेडियमों की व्यवस्था करेंगे।



