कांग्रेस पार्टी के गोहाना और बरोदा के विधायकों का दावा : लोस चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ा तो भाजपा का गिरा
गोहाना :-14 जून : लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के आधार पर गोहाना हलके के कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक और बरोदा हलके के कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल कहा कि इस बार कांग्रेस का वोट प्रतिशत जबरदस्त तरीके से बढ़ा है और भाजपा के वोटों में रिकॉर्ड गिरावट आई है। जो भाजपा लोकसभा चुनाव में हाफ रह गई है, वह विधानसभा चुनाव में पूरी तरह साफ हो जाएगी। दोनों विधायक अपने-अपने कार्यालयों में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
जगबीर सिंह मलिक और इंदुराज नरवाल ने कहा कि कांग्रेस को इस बार 36 बिरादरी का भरपूर समर्थन हासिल हुआ जनता समझ चुकी है कि भाजपा के पास लोगों को जाति-धर्म के नाम पर भड़काने और लड़वाने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। जनता बंटवारे नहीं बल्कि भाईचारे की राजनीति को पसंद करती है। 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा का वोट 12 प्रतिशत घटा है जबकि कांग्रेस गठबंधन के वोटों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। तमाम राज्यों के मुकाबले हरियाणा में इंडिया गठबंधन को सबसे ज्यादा 47.6 प्रतिशत वोट मिले हैं । कांग्रेस ने इस बार 46 विधानसभाओं पर बड़ी जीत दर्ज की है।
दोनों विधायकों ने कहा कि लोकसभा सीटों के हिसाब से देखें तो 2019 की तुलना में अंबाला में कांग्रेस को 18.6 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 11.1 प्रतिशत कम,भिवानी में कांग्रेस को 21 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 13.8 प्रतिशत कम, फरीदाबाद में कांग्रेस को 20.3 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 15.1 प्रतिशत कम, गुरुग्राम में कांग्रेस को 11.6 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 10.4 प्रतिशत कम, हिसार में कांग्रेस को 33 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 7.9 प्रतिशत कम वोट मिले | जगबीर सिंह मलिक और इंदुराज नरवाल ने कहा कि करनाल में भी कांग्रेस को 18 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा का 15.1 प्रतिशत कम, कुरुक्षेत्र में कांग्रेस गठबंधन को 17.9 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 11 प्रतिशत कम, रोहतक में कांग्रेस को 16.4 प्रतिशत वोट ज्यादा तो बीजेपी के 11.9 प्रतिशत कम, सिरसा में कांग्रेस के 24.7 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 17.8 प्रतिशत, सोनीपत में कांग्रेस को 11.4 प्रतिशत ज्यादा तो भाजपा को 5.1 प्रतिशत कम वोट मिले।
गोहाना हलके और बरोदा हलके के विधायकों ने कहा कि इस रुझान और राजनीतिक लहर से स्पष्ट है कि जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस की सरकार बनाने जा रही है। जनता समझ चुकी है कि भाजपा सरकारी शिक्षा, पक्की नौकरी और एस.सी. ओ.बी.सी. का आरक्षण खत्म करना चाहती है। प्रदेश में भाजपा ने अपनी आरक्षण विरोधी नीतियों को लागू कर दिया है। इसी से प्रदेश में खाली पड़े 2 लाख पदों पर पक्की भर्तियां नहीं हो रही है। एक साजिश के तहत कौशल निगम के जरिए खाली पदों को भरा जा रहा है जिसमें में न किसी तरह की पारदर्शिता है, न मेरिट और न ही आरक्षण। जगबीर सिंह मलिक और इंदुराज नरवाल ने कहा कि भाजपा ने गरीब, किसान, एस.सी. ओ.बी.सी. परिवारों को शिक्षा से वंचित करने के लिए सरकारी संस्थानों की फीस में कई-कई गुणा बढ़ोत्तरी कर दी। अगर सरकारी शिक्षा और नौकरियां ही नहीं रहेंगी तो आरक्षण अपने आप खत्म हो जाएगा। कांग्रेस किसी भी सूरत में भाजपा को दलित-पिछड़ों के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं करने देगी।



