
उपमंडल के कॉलेजों में सीटें खाली रह जाएंगी। यहां 1560 सीटों के लिए अब तक 1531 आवेदन ही जमा हुए हैं। इसमें से मात्र 752 विद्यार्थियों ने ही क्षेत्र के कॉलेजों को प्रथम चॉइस के रूप में चुना है, जबकि अन्य आवेदनों में विद्यार्थियों ने क्षेत्र के कॉलेजों को द्वितीय और तृतीय विकल्प के रूप में चुना है। आवेदन कम जमा होने के चलते उच्चतर शिक्षा विभाग एक बार आवेदन की तिथि बढ़ा चुका है। पहले आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 28 जून थी।
कम आवेदनों के चलते विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई कर दी। तीन कॉलेजों में स्वीकृत सीटों से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। राजकीय महिला कॉलेज में स्वीकृत सीटों से कम आवेदन जमा हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार कॉलेजों में जो आवेदन जमा हुए हैं, उनमें भी अधिकांश विद्यार्थियों ने क्षेत्र के कॉलेजों को द्वितीय और तृतीय विकल्प के रूप में चुना है। ^महिला कॉलेज में दाखिला को लेकर छात्राओं के कम आवेदन जमा हुए हैं। कॉलेज को प्रथम च्वाइस दर्शाने वाली छात्राओं का आंकड़ा काफी कम है।
इससे कॉलेज की अधिकांश सीटें खाली रह जाएंगी। छात्राएं 7 जुलाई तक आवेदन कर सकती हैं। आवेदन को लेकर छात्राओं को मैसेज भेजे जा रहे हैं। मनमोहन चहल, नोडल अधिकारी, राजकीय महिला कॉलेज, गोहाना महिला कॉलेज में जमा हुए सबसे कम आवेदन उपमंडल के चार सरकारी कॉलेजों में से महिला कॉलेज के लिए सबसे कम आवेदन जमा हुए हैं। महिला कॉलेज में यूजी कोर्सों के लिए 940 सीटें स्वीकृत हैं। इन सीटों के लिए अब तक केवल 688 आवेदन ही जमा हुए हैं। जमा आवेदनों में भी अधिकांश छात्राओं ने कॉलेज को विकल्प के तौर पर चुना है। प्रथम च्वाइस के कॉलेज में दाखिला नहीं होने की स्थिति में ही छात्राएं महिला कॉलेज में दाखिला लेने के लिए पहुंचेंगी।



