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बरोदा कॉलेज के कमरों की हालत जर्जर है बारिश में पानी टपकता है। भवन की दीवार भी काली हो चुकी हैं। परिसर का पानी कमरों के अंदर तक पहुंच जाता है। जर्जर भवन में हादसा हो सकता है।

रोदा गांव स्थित राजकीय कॉलेज का भवन जर्जर हालत में है जो कक्षाएं लगाने के लिए सुरक्षित नहीं है। बीते दिनों हुई बरसात का पानी कमरों में घुस गया। प्राचार्य ने दूसरा भवन उपलब्ध करवाने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। बरोदा उपचुनाव से पहले सीएम मनोहर लाल ने क्षेत्र बरोदा और भैंसवाल कलां में दो कॉलेज शुरू किए गए हैं। दोनों कॉलेज सरकारी स्कूलों के भवन में चल रहे हैं। बरोदा के राजकीय कॉलेज को जो भवन उपलब्ध करवाया गया है, वह पहले से ही असुरक्षित घोषित किया गया था। भवन में चार कमरे हैं। इसमें से एक कमरे में कार्यालय बना है। तीन कमरे कक्षाएं लगाने के लिए हैं।

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सभी कमरों की हालत जर्जर है और उनमें बारिश में पानी टपकता है। भवन की दीवार भी काली हो चुकी हैं। परिसर का पानी भी कमरों के अंदर तक पहुंच जाता है। प्राचार्य का कहना है जर्जर भवन में कभी भी हादसा हो सकता है। कॉलेज में 116 विद्यार्थी बरोदा के राजकीय कॉलेज में तीसरा शैक्षणिक सत्र चला हुआ है। तीनों सत्रों में कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 116 है। अधिकारियों के अनुसार प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या 41, द्वितीय में 42 और तृतीय में 33 है। वहीं शैक्षणिक 2023-24 के लिए भी आवेदन प्रक्रिया चली हुई है। कॉलेज में केवल बीए संकाय के लिए ही आवेदन मांगे जा रहे हैं। बीए संकाय में कॉलेज में 80 सीटें स्वीकृत हैं। सभी सीटों पर दाखिला होने पर कॉलेज में विद्यार्थियों को बैठाने के लिए भी कमरों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है।

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