सोनीपत से भाजपा की टिकट के लिए तेज हुआ घमासान -सोमवार को पैनल में बढ़ गई दावेदारों की संख्या
-पैनल में पहले से ही विचाराधीन तीन गैर जाट नेताओं के लिए बढ़ी सिरदर्दी
*शील भारद्वाज*
सोनीपत। लोकसभा चुनाव में सोनीपत से भारतीय जनता पार्टी की टिकट हासिल करने के लिए घमासान बढ़ता जा रहा है। यहाँ से भाजपा के पैनल में विचारणीय टिकटार्थियों की संख्या सोमवार को तीन से बढ़कर पाँच हो गई। ये नाम पार्टी के जाट नेताओं के हैं। तीन गैर जाट नेताओं के नाम पैनल में पहले से ही शामिल हैं।
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट के लिए अब तक केवल तीन उम्मीदवारों की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन अब दो और नेताओं ने टिकट के लिए दावा किया है। नए दावेदार नेताओं में से एक कृष्णा गहलावत की दावेदारी को पार्टी हल्के में ले भी नहीं सकती। अब यह लगभग तय हो गया है कि यहाँ से उम्मीदवार का नाम फाइनल करने से पहले पार्टी नेतृत्व को जातिगत समीकरणों का हिसाब अवश्य लगाना पड़ेगा।
सोनीपत से दो नए दावेदारों के टिकट के लिए मैदान में आने से पूर्व तीन गैर जाट नेताओं योगेश्वर पहलवान, पार्टी के प्रांतीय महामंत्री मोहनलाल बडोली और पूर्व मंत्री कविता जैन के नाम ही अधिक चर्चा में थे। लेकिन अब भाजपा के दो जाट नेताओं ने भी जोर आजमाइश तेज कर दी है। इनमें लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी महिला नेत्री कृष्णा गहलावत प्रमुख हैं। बता दें कि वह पूर्व के चुनाव में भी भाजपा की टिकट हासिल करने के लिए कोशिश करती रही हैं। वर्ष 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट के लिए प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। राज्य की पिछली राज्य सरकार में वह हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की चेयरपर्सन रही। तब पार्टी में उनका नाम प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि इस बार उन्होंने सोनीपत लोकसभा सीट के विचाराधीन टिकटार्थियों के पैनल में बहुत दमखम के साथ अपना नाम शामिल करवा लिया है। भाजपा द्वारा टिकट वितरण में सोनीपत सीट जाट कोटे में रखे जाने पर कृष्णा गहलावत जैसे किसी मजबूत दावेदार की लॉटरी खुल सकती है।
दरअसल, प्रदेश की कुल 10 सीटों में से छह के लिए भाजपा अपने उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है, और इनमें भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से जाट उम्मीदवार को मैदान में उतार चुकी है। यहाँ से सांसद धर्मवीर को दुबारा टिकट दिया गया है।
भाजपा की नीतियों पर नज़र दौड़ाएं तो पार्टी प्रदेश की कुल 10 में से दो सीट जाट समाज को दे सकती है। यानी, अब बाकी बची चार सीटों में से एक की टिकट किसी न किसी जाट नेता को मिलना तय माना जा सकता है। इस प्रकार, इन चार में से तीन सीटों सोनीपत, रोहतक व हिसार में से एक टिकट जाट नेता को मिलेगी। रोहतक से गैर जाट नेता डॉ. अरविंद शर्मा, नवीन जयहिंद या बाबा बालकनाथ को और हिसार से भव्य बिश्नोई आदि किसी गैर जाट नेता को टिकट मिली तो सोनिपत से जाट नेता का दाव लग सकता है। हालांकि हिसार सीट से पार्टी के कद्दावर नेता कैप्टन अभिमन्यु को चुनाव लड़ाया गया तो सोनीपत सीट से जाट दावेदार की आशाएँ धूमिल हो सकती हैं।
ओलंपियन दीपा मलिक दूसरी ऐसी नेता बताई गई हैं जिनका नाम भाजपा की टिकट के लिए उम्मीदवारों के पैनल में शामिल किया गया है। पिछले चुनाव में भी दीपा ने टिकट के लिए जद्दोजहद की थी। कुल मिलाकर बात यह है कि जाट समाज को खुद से दूर न होने देने के लिए भाजपा के लिए दो सीटें जाट समाज को देना जरूरी रहेगा।


