महिला सशक्तिकरण पर महिला विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन प्रारंभ
गोहाना :-15 मार्च : महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में तकनीक का समुचित उपयोग किए जाने की जरूरत है। साथ ही, गंभीरता से महिला मुद्दों पर चर्चा करते हुए वास्तविक समस्याओं एवं उनके समाधान पर शोध किया जाना चाहिए। सामाजिक ढांचे में महिलाओं को नेतृत्व दिया जाना चाहिए। यह बात बी.पी.एस. विश्वविद्यालय की वी.सी. प्रो सुदेश ने शुक्रवार को इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कही।
प्रो. सुदेश ने साथ दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। रेनेसांस ऑफ रेसिलिएस: वीमेन एम्पॉवरिंग दी वर्ल्ड थ्रू एजेस’ विषयक इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन एशियाटिक सोसाइटी फॉर सोशल साइंस रिसर्च ( ए.एस.एस.एस.आर.) के सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में बतौर विशिष्ट वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की प्रो राधा त्रिपाठी तथा प्रो रेखा सक्सेना ने ऑनलाइन शिरकत की। उन्होंने महिलाओं के लिए रोजगार अवसर सृजित करने, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देने के अलावा महिलाओं को घरेलू एवं
कार्यस्थल सहित अन्य प्रकार की हिंसा से बचाने के लिए मौजूदा कानूनों पर जानकारी साझा की। प्रो रेखा सक्सेना ने चिपको आंदोलन सहित अन्य सामाजिक सुधारों में महिला योगदान पर भी बात रखी। ए. एस.एस.एस. आर. के अध्यक्ष आशु जे. ने देश में महिलाओं के सामाजिक और सांस्कृतिक बंधनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को और अधिक मौके और आजादी दिए जाने की जरूरत है।।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दोपहर कालीन सत्र में वक्ता के रूप में नेपाल से डॉ. नम्रता पांडे तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की प्रो. सीमा बावा ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। इसी सत्र में सेक्शनल
प्रेसिडेंट के रूप में जामिया मिलिया इस्लामिया से डॉ फिरदौस अजमत सिद्दीकी, जे.एन.यू, दिल्ली से डॉ एस. जीवानंदम तथा जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली से डॉ खुर्शीद आलम उपस्थित रहे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नेपाल, ईरान के अलावा गोवा, केरल, हरियाणा, आसाम सहित पूरे भारत से प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कुल 12 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन सत्र में विभिन्न शैक्षणिक विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक, प्रतिभागी, विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



