गोहाना में 5 दिन से धरने पर बैठे किसानों की संघर्ष लाया रंग ; डी.सी. ने निदेशक को चिट्ठी लिखी, धरना स्थल पर पहुंचे एस.डी.ओ.
गोहाना :-2 फरवरी : 5 दिन से लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर टैंट गाड़ कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों का संघर्ष रंग ले आया है। गुरुवार को सोनीपत के डी.सी. ने पंचकूला में कृषि विभाग के एस.डी.ओ. को चिट्ठी लिखी कि खराब फसलों का किसानों को मुआवजा जल्दी से जल्दी दे दिया जाए। शुक्रवार को धरना स्थल पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एस.डी.ओ. पहुंचे।
मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे किसानों का आरोप है कि रिलायंस बीमा कम्पनी ने खराब फसलों के मुआवजे से बचने के लिए उनकी पॉलिसी ही गैर-कानूनी तरीके से रद्द कर दीं किसान कृषि सलाहकार की भूमिका पर भी अंगुली उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जिला स्तर की अपील वे जीत चुके हैं, पर राज्य स्तर की अपील को कृषि सलाहकार दबाए बैठे हैं। एक महीने में फैसला हो जाना चाहिए था, पर दस महीने से ऊपर का वक्त बीत चुका है। गुरुवार को सलाहकार का पुतला फूंका
गया था।
धरने का नेतृत्व हरियाणा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल कर रहे हैं। नरवाल ने कहा कि डी.सी. ने एक फरवरी को कृषि विभाग के निदेशक को पत्र भेजा है। इस पत्र में पीड़ित किसानों को उनकी खराब हुई फसलों का मुआवजा तुरंत जारी करने के लिए कहा गया है।
इस बीच शुक्रवार को धरना स्थल पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एस. डी. ओ. डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेहरा पहुंचे। मेहरा ने आंदोलनरत किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मुआवजे की मांग जल्दी पूरी हो जाएगी।
लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि उनका धरना तब तक लगातार जारी रहेगा जब तक उनके खातों में मुआवजे का पैसा नहीं आ जाएगा।


