रामभद्राचार्य से नाराज चमार महासभा उत्तरी गोहाना में सड़कों पर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से एस. सी. एस. टी. एक्ट में केस दर्ज करवाने की मांग
गोहाना :-15 जनवरी : अयोध्या के राम मंदिर को लेकर रामभद्राचार्य द्वारा की एक टिप्पणी से हरियाणा स्टेट चमार महासभा उनसे सख्त नाराज है। महासभा सोमवार को रामभद्राचार्य के खिलाफ गोहाना में सड़कों पर उतरी प्रदर्शनकारी दलित कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मांग की कि वह रामभद्राचार्य पर तुरंत एस. सी. एस. टी. एक्ट के तहत केस दर्ज करवाए तथा उन्हें गिरफ्तार करवाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व महासभा के इकाई अध्यक्ष और रिटायर्ड एस. डी. ओ. ओम प्रकाश मेहरा ने किया। संयोजन प्रदेश प्रवक्ता अशोक बामनिया ने किया। अध्यक्ष ओम प्रकाश मेहरा ने रोष व्यक्त किया कि रामभद्राचार्य की भाषा संतों वाली नहीं हैं। उनकी मानसिकता संकीर्ण और संकुचित है।
धर्मपाल जे.ई. राम मेहर मान , जगदीश राय मदीना और हरि दास गिरोह ने कहा कि रामभद्राचार्य की जो टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, उसमें चमार जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है। ये शब्द क्षमा के योग्य भी नहीं हैं।
जगत सिंह मदीना, चेतराम सोलंकी, सतीश उरलाना, राजेश काडा, सुरेश बुटाना, रामभूल सभरवाल, सतबीर दरोगा और श्रीभगवान बलि ने कहा कि संत सभी को एक समान दृष्टि से देखते हैं। संतों के लिए पूरा समाज अपना होता है, लेकिन रामभद्राचार्य चमार जाति के प्रति खुली दुर्भावना रखते हैं।
प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मांग की कि वह रामभद्राचार्य की टिप्पणी का स्वत: संज्ञान ले तथा उन पर एस. सी. एस. टी. एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज करवा उन्हें सींखचों के पीछे पहुंचाए । समाज में जातिवाद का विष घोलने वाले व्यक्ति को खुला घूमने का कोई हक नहीं है।


