गोहाना के गीता विद्या मंदिर में दशम पातशाही के बाल बलिदानी साहिबजादों को किया नमन
गोहाना :-28 दिसम्बर : शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में गुरुवार को दशम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह के बाल बलिदानी साहिबजादों को याद किया गया। विद्यार्थियों ने उनकी कुर्बानियों पर पर प्रकाश डाला। सनातन धर्म के महत्व को बताया गया। साहिबजादों से जुड़े प्रेरक प्रसंग एवं कविता वाचन से देश और धर्म की रक्षा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया गया।
छात्रा मनस्वी ने बलिदान दिवस की ओजस्वी कविता की प्रस्तुति दी। खुशी और उमंग ने बाल बलिदानी दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोबिंद सिंह तक दस गुरुओं ने हमेशा अत्याचारों का विरोध किया। उन्होंने अपने धर्म को हमेशा सर्वोपरि रखा। छात्राओं ने वीर बलिदानियों की वीरता का वर्णन करते हुए वीर रस युक्त गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संयोजन रजनी और मंच संचालन नीलम ने किया। प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने कहा कि 26 दिसंबर 1704 में गुरु गोबिंद सिंह के दो साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम धर्म कबूल न करने पर सरहिंद के नवाब ने उनको दीवार में जिंदा चिनवा दिया था और माता गुजरी को सरहिंद के किले के बुर्ज से गिराकर बलिदान कर दिया था।

