Breaking NewsSonipatस्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी राई मे एक दिवसीय कार्यशाला बायोमैक 2.0: एन्हेन्सिंग मोशन ट्रैकिंग एक्यूरेसी विद नावेल बायोमैकेनिक्स का आयोजन 

राई / सोनीपत, (अनिल जिंदल) 21जनवरी । स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा द्वारा खेल विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला बायोमैक 2.0: एन्हेन्सिंग मोशन ट्रैकिंग एक्यूरेसी विद नावेल बायोमैकेनिक्स का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कोचों एवं खेल वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक अनुभव से परिपूर्ण रही।

कार्यक्रम के आरंभ में विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चन्दर द्वारा मुख्य वक्ता का औपचारिक अभिनंदन किया गया।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता विजय धमोधरन ने अपने प्रेरक एवं तकनीकी व्याख्यान में बताया कि बायोमैक 2.0 प्रणाली एशिया की प्रमुख विज्ञान प्रयोगशालाओं में विकसित अत्याधुनिक मोशन कैप्चर तकनीक पर आधारित है, जिसका उपयोग अब खेल विज्ञान में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनीमेशन एवं फिल्म उद्योग में प्रयुक्त इस तकनीक को खेलों में गेट एनालिसिस, बायोमैकेनिकल मूवमेंट एनालिसिस तथा परफॉर्मेंस एनालिसिस के लिए सफलतापूर्वक अपनाया गया है।

WhatsApp Image 2024-08-03 at 12.46.12 PM
WhatsApp Image 2024-08-03 at 12.55.06 PM
c3875a0e-fb7b-4f7e-884a-2392dd9f6aa8
1000026761
WhatsApp Image 2024-07-24 at 2.29.26 PM

उन्होंने बताया कि इस प्रणाली में बॉडी सेंसर नेटवर्क के अंतर्गत खिलाड़ियों के शरीर के विशिष्ट एनाटॉमिकल बिंदुओं पर मार्कर्स लगाए जाते हैं, जिन्हें हाई-स्पीड कैमरों द्वारा कैप्चर किया जाता है। इसके साथ-साथ फोर्स प्लेट के माध्यम से दौड़, छलांग एवं अन्य खेलगत गतिविधियों के दौरान जमीन पर पड़ने वाले बल, संतुलन तथा भार-वितरण का अत्यंत सटीक विश्लेषण संभव होता है। फुल-बॉडी मोशन कैप्चर सूट के उपयोग से डायनेमिक मूवमेंट एनालिसिस किया जाता है, जिससे प्रशिक्षण, चोट-निवारण, पुनर्वास तथा प्रदर्शन सुधार के लिए विश्वसनीय वैज्ञानिक डेटा प्राप्त होता है। विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अशोक कुमार ने मुख्यवक्ता का स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद किया और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला विश्वविद्यालय समुदाय के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है।

बायोमैक 2.0 जैसी उन्नत तकनीकें खेल विज्ञान में अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण को नई दिशा प्रदान करती हैं तथा खिलाड़ियों के दीर्घकालिक प्रदर्शन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चन्दर ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य आधुनिक बायोमैकेनिक्स आधारित तकनीकों के माध्यम से खिलाड़ियों की मूवमेंट ट्रैकिंग की सटीकता को बढ़ाना तथा खेल प्रदर्शन विश्लेषण को ठोस वैज्ञानिक आधार प्रदान करना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसी तकनीकें प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ चोट-निवारण और पुनर्वास में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ, कोच तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आधुनिक तकनीक से संबंधित व्यावहारिक जानकारियाँ प्राप्त कर अपने ज्ञान और कौशल को समृद्ध किया।

Khabar Abtak

Related Articles

Back to top button