निरंकारी संत दीपक जांगड़ा ने कहा कि-आनंद को पाना है तो मैं को मिटाना होगा
गोहाना :- 24 दिसम्बर : सोनीपत के निरंकारी संत दीपक जांगड़ा ने रविवार को कहा कि अगर आप आनंद हो पाना चाहते हैं, आप को अपने मैं को मिटाना होगा। वह गोहाना महम मार्ग पर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में प्रवचन कर रहे थे। दीपक जांगड़ा ने कहा कि भगवान उसी पर रीझते हैं जो अपने अहंकार को शून्य कर देता है। जीवन को जीना आसान बनाना है कि किसी को माफ कर दो तो किसी से माफी मांग लो। तन-मन-धन को परमात्मा की देन हैं। जिस के दिल में सब्र और सिदक आ जाते हैं, उस के लिए भगवान के दर्शन के द्वार खुल जाते हैं।
सोनीपत के निरंकारी संत ने शांति और सब्र के साथ समदृष्टि का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भक्त का अपमान भगवान का अपमान है। अगर आप सोचते हैं कि भगवान के किसी भक्त का अनादर कर आप भगवान की कृपा पा लेंगे, आप पूरी तरह से गलत हैं। सत्संग की अध्यक्षता निरंकारी मिशन की गोहाना इकाई के मुखी मुंशी राम अरोड़ा ने की।

